बीकानेर में पश्चिमी विक्षोभ का असर, तड़के से बारिश का दौर शुरू, ओलावृष्टि का अलर्ट; सुहावने मौसम के बीच किसानों की बढ़ी चिंता
सुहावने मौसम के बीच किसानों की बढ़ी चिंता



बीकानेर। 7 अप्रैल। बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण जिले में तड़के से ही बारिश और ठंडी हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने बीकानेर के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने की भी संभावना जताई है।


सुबह 4 बजे से थमी नहीं रिमझिम
सोमवार देर रात से ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी, जिसके बाद मंगलवार तड़के करीब चार बजे से बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हुआ। सुबह दस बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे शहर की सड़कों पर पानी जमा हो गया और मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। स्कूल जाने वाले बच्चों को लंबे समय बाद रेनकोट और छतरियों का सहारा लेना पड़ा।


ग्रामीण क्षेत्रों में भी झमाझम
बीकानेर शहर के साथ-साथ श्रीडूंगरगढ़ और लूणकरनसर सहित ग्रामीण अंचलों में भी तेज बारिश दर्ज की गई है। इन क्षेत्रों में बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट महसूस की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
एक ओर जहां आमजन सुहावने मौसम का लुत्फ उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह बारिश अन्नदाताओं के लिए आफत बनकर आई है।
फसलों पर संकट: रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं की कटाई का काम इन दिनों जोरों पर है।
नुकसान की आशंका: जिन किसानों की फसल अभी खेतों में खड़ी है या कटकर खलिहानों में पड़ी है, वहां भीगने से फसल खराब होने और दाना काला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
ओलावृष्टि का डर: यदि अलर्ट के अनुसार ओले गिरते हैं, तो पकी हुई फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है, जिससे किसान बेहद तनाव में हैं।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के पहले सप्ताह में यह तीसरी बार है जब पश्चिमी विक्षोभ ने राजस्थान के मौसम को प्रभावित किया है। अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और रिमझिम बारिश की संभावना बरकरार है। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लू और तपती गर्मी से फिलहाल राहत बनी रहेगी।
