गंगाशहर में जमी बर्फ की परत, कड़ाके की ठंड के बीच आज से खुले स्कूल


बीकानेर में ‘कोल्ड टॉर्चर’: 2.8 डिग्री तक लुढ़का पारा, बॉर्डर पर विजिबिलिटी शून्य; एक्सपर्ट से जानें बचाव के तरीके


बीकानेर, 12 जनवरी ।मरुधरा की मरुभूमि इन दिनों हाड़ कंपाने वाली शीतलहर की गिरफ्त में है। शुक्रवार की रात सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री की भारी गिरावट आई है, जिसके चलते पारा 2.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। यह सामान्य से करीब 4.9 डिग्री कम है। शहर से लेकर भारत-पाक सीमा तक कोहरे का ऐसा पहरा है कि दिन में भी वाहनों की हेडलाइट्स जलानी पड़ रही हैं।


गंगाशहर में दिखा ‘माउंट आबू’ जैसा नजारा
शहर के गंगाशहर इलाके और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी का असर सबसे ज्यादा देखा गया। क्षेत्र के निवासियों ने कार पर जमी बर्फ का व गंगाशहर में जमीन पर जमी बर्फ का वीडियो भी सोशल मीडिया में साझा किया है, जिसमें घरों के बाहर लगी दूब (घास) और खुले मैदानों में ओस की बूंदें बर्फ की ठोस परत में तब्दील नजर आ रही हैं। देहात के अन्य इलाकों से भी पाला गिरने की खबरें आ रही हैं, जिससे फसलों को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ गई है।
स्कूलों की रौनक लौटी, लेकिन बदला हुआ है समय शीतकालीन अवकाश के बाद आज से बीकानेर के सभी स्कूल दोबारा खुल गए हैं। कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए 11 जनवरी तक छुट्टियां घोषित थीं। कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला कलेक्टर ने फिलहाल अवकाश आगे बढ़ाने के बजाय स्कूलों के संचालन समय में बड़ा बदलाव किया है। अब जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे, ताकि नन्हे बच्चों को सुबह की भीषण ठंड और कोहरे से बचाया जा सके।
आज निकली धूप ने दी राहत, लेकिन रातें अभी भी सर्द
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आज का अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 9 बजे के बाद धूप खिलने से लोगों ने छतों और पार्कों में बैठकर सर्दी से निजात पाने की कोशिश की। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दिन के समय आसमान साफ रहेगा और धूप खिलने से राहत मिलेगी, लेकिन रात और तड़के के समय तापमान में गिरावट का दौर अभी जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और गर्म कपड़ों का उचित उपयोग करने की सलाह दी है।
बॉर्डर पर चुनौती
शून्य विजिबिलिटी के बीच बीएसएफ मुस्तैद भारत-पाक सीमा पर कोहरे का कहर सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सीमावर्ती इलाकों में विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य होने के कारण बीएसएफ के जवानों को गश्त के दौरान एक-दूसरे को आवाज देकर अपनी मौजूदगी का अहसास कराना पड़ रहा है। फ्लड लाइटों की रोशनी भी घने कोहरे को भेदने में नाकाम साबित हो रही है। पश्चिमी सीमा पर दोपहर तक कोहरा छाया रहता है और शाम 4 बजे से दोबारा धुंधलका छाने लगता है। इस विपरीत मौसम और बर्फानी हवाओं के बीच भी जवान मुस्तैदी से सरहद की निगरानी कर रहे हैं।
शहर का हाल
अलाव और कोहरे के साये में जनजीवन शहर में रात होते ही कोहरा गहराने लगता है जो अगले दिन दोपहर तक बना रहता है। इस भीषण ठंड से बचने के लिए पुलिस कर्मी गश्त के दौरान और फुटकर व्यापारी सुबह-सुबह अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जहां न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री रहा, वहीं अधिकतम तापमान भी गिरकर 16.2 डिग्री सेल्सियस पर सिमट गया है।
चिकित्सकों की सलाह
कड़ाके की ठंड और शीतलहर के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। डॉ. ने बचाव के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- डाइट में बदलाव: शरीर में आंतरिक गर्मी बनाए रखने के लिए अपने भोजन में गुड़, अदरक, लहसुन, तिल और मूंगफली को शामिल करें। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए संतरा, कीवी और आंवला जैसे विटामिन-सी युक्त फल लें।
- हाइड्रेटेड रहें: पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी, हर्बल टी या सूप का सेवन करें।
- लेयरिंग तकनीक: एक भारी जैकेट के बजाय कपड़ों की दो-तीन परतें (Layers) पहनें। परतों के बीच मौजूद हवा शरीर की गर्मी को बाहर निकलने से रोकती है।
- सिर और पैरों की सुरक्षा: शरीर की अधिकांश गर्मी सिर और तलवों के जरिए निकलती है, इसलिए टोपी और ऊनी मोजे जरूर पहनें।
- हीटर का सावधानी से उपयोग: यदि कमरे में हीटर चला रहे हैं, तो वेंटिलेशन का ध्यान रखें। कमरे में नमी बनाए रखने के लिए हीटर के पास पानी से भरी बाल्टी रखें।
- विशेष सावधानी: बुजुर्गों और छोटे बच्चों को ठंड के सीधे संपर्क में आने से बचाएं और नियमित हल्की एक्सरसाइज करते रहें।








