बीकानेर में भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव की धूम: तीन दिवसीय आयोजनों के साथ भव्य शोभायात्रा और धर्मसभा संपन्न
बीकानेर में भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव की धूम



बीकानेर, 31 मार्च 2026। जैन महासभा बीकानेर के तत्वावधान में भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 अत्यंत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। तीन दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में भक्ति, सेवा और भव्यता का अनूठा संगम देखने को मिला। महासभा के रजत जयंती वर्ष (25वें वर्ष) के उपलक्ष्य में आयोजित इन कार्यक्रमों ने बीकानेर में जैन एकता की नई मिसाल पेश की है।


सेवा और भक्ति से हुआ महोत्सव का आगाज
महोत्सव की शुरुआत 29 मार्च को महावीर पार्क में सामूहिक ‘नवकार मंत्र’ के जाप के साथ हुई। इस अवसर पर जीव दया और मानव सेवा के संकल्प के साथ आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर सेंटर, ट्रोमा सेंटर, अंध विद्यालय, मूक-बधिर आश्रम और अनाथालय सहित कई सेवा संस्थानों में फल वितरण किया गया।


‘एक शाम भगवान महावीर के नाम’ और श्रद्धांजलि
30 मार्च की शाम भक्ति रस में डूबी रही। स्थानीय प्रतिष्ठित भजन गायकों ने भगवान महावीर के चरणों में स्वरुपांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान बीकानेर के प्रसिद्ध भजन सम्राट स्व. मगन जी कोचर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई और संगीत व समाज सेवा में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया गया।

त्रिवेणी संगम: विशाल शोभायात्रा और 84 झांकियां
महोत्सव के मुख्य दिन बीकानेर के तीन अलग-अलग क्षेत्रों से विशाल शोभायात्राएं निकाली गईं. गंगाशहर-भीनासर: जैन जवाहर विद्या पीठ से।
सुराणा स्वाध्याय सदन से दूसरी यात्रा। दिगंबर नशिया मंदिर से तीसरी यात्रा।



इन तीनों यात्राओं का ऐतिहासिक संगम भुजिया बाजार में हुआ, जहाँ से यह विशाल जनसमूह गौड़ी पार्श्वनाथ मंदिर परिसर पहुंचा। शोभायात्रा में विभिन्न स्कूलों और धार्मिक संगठनों द्वारा 84 झांकियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें भगवान महावीर और जीवन दर्शन को आधुनिकता के साथ दिखाया गया।
धर्मसभा में संतों का पाथेय: “जैन एकता ही सबसे बड़ी शक्ति”
गौड़ी पार्श्वनाथ मंदिर में आयोजित धर्मसभा में विभिन्न संप्रदायों के साधु-साध्वियों ने अपनी ओजस्वी वाणी से समाज को मार्ग दिखाया।
मुनि श्री अमृत कुमार जी का उद्बोधन
कार्यक्रम में उद्बोधन देते हुए आचार्य श्री महाश्रमण के शिष्य मुनि श्री अमृत कुमार जी ने कहा कि भगवान महावीर ने इस धरा पर जन्म लेकर आलोकित कर दिया। उन्होंने कि हमारा जैन मंत्र नवकार भी जैन एकता का प्रतीक है। हमारी सामायिक, नवकार, मंगलपाठ, तपस्या सभी एकता की प्रतीक है। बीकानेर जैन महासभा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि 21 व्यंजन सीमा अभियान से प्रत्येक परिवार को जुड़ना चाहिए। जैन महासभा बीकानेर के जैन समाज के लिए मुख्या, मातृत्व, पितृत्व के रूप में अपना दायित्व निभा रही है। भारत में कुल जनसंख्या में 1% से भी कम जैनी 22% से अधिक आयकर देकर अपना देश प्रेम का दायित्व निभा रहे हैं। जैन का जैनैत्व भी बढ़ता रहना चाहिए।
मुनि श्री उपशम कुमार का व्यक्तव्य
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुनि श्री उपशम कुमार ने भगवान महावीर स्वामी के 27 भवों का वर्णन करते हुए कहा कि कषायों पर विजय पाना जररूरी है।। कषायों को दूर करने से ही परम लक्ष्य मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है। जन्म मरण के चक्कर से मुक्ति मिल सकती है।

आचार्य श्री महाश्रमण जी की शिष्या साध्वी श्री रश्मि प्रभा ने आत्मा भिन्न है शरीर भिन्न है कि एक माला जपते हुए ध्यान के द्वारा अनुभव करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि ऐसा एक वर्ष लगातार करने से आप अपने आप में हुवे परिवर्तन को स्वयं अनुभव कर सकते हैं। साध्वी श्री जी ने गीतिका के माध्यम से भगवान महावीर के गुणों का गुणगान किया।
आचार्य श्री महाश्रमण जी की शिष्या साध्वी श्री कल्पयशा जी ने प्रवचन देते हुए कहा कि भगवान का जन्म दिन अहिंसा, करूणा ओर मैत्री का जन्म दिन है। भगवान महावीर को एक दिन नही प्रति दिन याद रखे। उन्हें भुले नही। उनके बताऐं मार्ग पर चले। समाज में ओर अधिक एकता बढे। बीकानेर जैन समाज का यह आयोजन जैन एकता को और अधिक पुष्ठ करता है। किसी भी संगठन के लिए उसका रजत जयंती वर्ष मनाना आपसी एकता की मिसाल है।
तपागच्छ संघ से अर्पित गुणा श्री ने कहा भगवान महावीर ने जन्म मरण की श्रृंखला को तोड़ दिया, इसलिए हम जन्मकल्याणक महोत्सव मनाते है। यह लोकोत्तर पर्व है। तपागच्छ सेअमित गुणा श्री जी ने गीतिका का संगान किया। तथा भगवान के पांच कल्याणक के बारे में बताया।
तपागच्छ से साध्वी अर्चित गुणा श्री जी ने कहा की कषाय दूर हो जाने से कैवल्य ज्ञान होता है। हम हर समय पाप से बचने का प्रयास करे। भगवान के प्रति अपनेपन का भाव जाग्रत करे। भगवान महावीर ने बहुत कठोर जीवन जिया। बहुत परिश्रम किया। ध्यान साधना के द्वारा अपने संचित कर्मों का क्षय करके मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।
महासभा के संकल्प: अपना भवन और शिक्षा सहायता
जैन महासभा के अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा ने स्वागत भाषण में संकल्प व्यक्त किया कि जल्द ही महासभा का अपना स्वतंत्र भवन होगा।

जैन महासभा के पूर्व अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ ने महासभा की स्थापना से लेकर आज संस्था के 25 वर्षों रजत जयंती तक के सभी आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाजिक समानता बढा़ने के लिए 21 व्यंजन सीमा अभियान की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान से जुड़ने की प्रेरणा दी। छाजेड़ ने विधार्थियो के लिए जैन महासभा द्वारा किये जा रहे कार्यों को बताते हुए कहा कि प्रायः प्रति वर्ष जरूरतमद परिवारों के बच्चों को एक निश्चित रकम शिक्षा सहायता के रूप में दी जाती है। उन्होंने सामूहिक क्षमापना , जैन प्रतिभा सम्मान समारोह , जैन प्रोफ्रेशनल सम्मलेन , तपोअभिनदन जैसे कार्यक्रमों के बारे में अवगत करते हुए जैन महासभा को खुले दिल से सहयोग देने की बात कही।
विशेष आकर्षण

मुख्य अतिथि गौरव जी बोथरा IAS, का परिचय महासभा के सह मंत्री मनीष जी नाहटा ने दिया। मुख्य अतिथि गौरव जी बोे भगवान महावीर के अनेकान्तवाद दर्शन को विश्व की समस्त समस्याओं के हल का रास्ता बताया।गौरव बोथरा (IAS), राकेश बोहरा (GM, ICICI) और कांतिलाल जैन का समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा बहुमान किया गया।

महिला विंग: श्रीमती प्रेम नौलखा के नेतृत्व में महिला विंग ने भगवान महावीर की माता त्रिशला के 14 स्वप्नों पर सुंदर लघु नाटिका प्रस्तुत की। इस अवसर पर जैन महासभा की महिला विंग की संयोजिका श्रीमती प्रेम नौलखा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी बहिनों को महिला विंग के साथ जुडकर भगवान महावीर के सिद्धांतों को घर घर पहुंचाने के प्रयासों में अपना योगदान देना चाहिए
तकनीकी संगम:
जैन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने रोबोट के माध्यम से भगवान महावीर की आरती का संगान किया। AI व आधुनिक तकनीकी के माध्यम का झांकी में उपयोग किया एवं सभी 24 तीर्थकरों की स्तुति की। जैन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने रोबोट के माध्यम से आरती गान कर सभी को चकित कर दिया।


जैन महासभा के मंत्री जतनलाल संचेती ने बताया कि भगवान महावीर ने कहा कि जितने व्यक्ति हैं उतने ही विचार है। विचार समान हो जाये, यह कभी संभव नही है। यह अवश्य सम्भव है कि विचारों की विविधता में भी संघर्ष नही हो ओर जैन महासभा बीकानेर भगवान के सिद्धांतों का अनुसरण कर रहा है। झांकियों के बारे में मनोज जी सेठिया ने जानकारी प्रदान करते हुए बताया की भगवान के उपदेशों व जीवन से सम्बधित 84 सजीव झांकियों में अनेक स्कूलों के बच्चों ने बढ़चढ़कर भाग लिया।

आभार ज्ञापन महासभा के उपाध्यक्ष संजय सांड ने किया। संजय सांड ने बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया। सभी सहयोगी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महनीय योगदान दिया। सभी स्कूलों ने अपने प्रयासों से भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर झांकियों को सुसज्जित करके शोभायात्रा में शोभा बढाई। सभी अनुदान दाताओं का आभार व्यक्त किया। सभी साधु – साध्वियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।कार्यक्रम का सफल संचालन महासभा के महामंत्री जैन जतनलाल संचेती ने किया।
