सेवा आश्रम’ में मनाई गई लुई ब्रेल जयंती, नेत्रहीन बच्चों ने शतरंज और गायन में दिखाया अपना हुनर


बीकानेर, 4 जनवरी। सौर चेतना एवं ऊर्जा विज्ञान शोध संस्थान द्वारा संचालित सेवा आश्रम विशेष आवासीय विद्यालय में रविवार को सर लुई ब्रेल की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत में दृष्टिबाधित बच्चों और विद्यालय स्टाफ ने लुई ब्रेल के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।


दृष्टिबाधितों के जीवन में शिक्षा का उजाला फैलाने वाले महान आविष्कारक लुई ब्रेल को याद करते हुए विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।


प्रतियोगिताओं में दिखा बच्चों का उत्साह
जयंती के अवसर पर आयोजित गायन, शतरंज और ब्रेल लिपि से जुड़ी स्पर्धाओं में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया:
गायन प्रतियोगिता: अंकित ने अपनी मधुर आवाज से सभी का मन मोह लिया और प्रथम स्थान प्राप्त किया।
शतरंज प्रतियोगिता: मानसिक एकाग्रता के इस खेल में मोहनराम प्रथम और सुधीर द्वितीय स्थान पर रहे।
ब्रेल लिपि पठन व लेखन: ब्रेल लिपि पठन में सुनील ने पहला व अरुण ने दूसरा स्थान हासिल किया, वहीं लेखन प्रतियोगिता में एक बार फिर अंकित प्रथम स्थान पर रहे।
लुई ब्रेल: दृष्टिबाधितों के लिए मसीहा
समारोह के दौरान विशेष शिक्षक फारिश खान ने लुई ब्रेल की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने अपनी आंखों की रोशनी खोने के बावजूद हार नहीं मानी और एक ऐसी लिपि का आविष्कार किया, जिसने दुनिया भर के दृष्टिबाधित लोगों के लिए पढ़ना और लिखना संभव बना दिया। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर वर्ष 4 जनवरी को ‘विश्व ब्रेल दिवस’ मनाया जाता है ताकि नेत्रहीन और आंशिक दृष्टि वाले लोगों के अधिकारों और संचार माध्यम के रूप में ब्रेल लिपि के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
इस गरिमामय अवसर पर प्रधानाध्यापिका भावना गौड़, विशेष शिक्षक देवेंद्र कुमार वर्मा, सौरभ पाल और सुंदर लाल सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में विजेता बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।








