स्वतंत्रता के सेनानी और आधुनिक बीकानेर के शिल्पी थे मूलचंद पारीक, पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब
स्वतंत्रता के सेनानी और आधुनिक बीकानेर के शिल्पी थे मूलचंद पारीक, पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब


बीकानेर, 16 फरवरी। बीकानेर के गौरव, स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय मूलचंद पारीक की पुण्यतिथि पर सोमवार को समूचे शहर ने उन्हें श्रद्धावनत होकर नमन किया। ‘स्वर्गीय मूलचंद पारीक स्मृति संस्थान’ के तत्वावधान में उनकी मूर्ति सर्किल पर आयोजित भव्य श्रद्धांजलि सभा में राजनीति, साहित्य और समाजसेवा से जुड़ी दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की। वक्ताओं ने एक स्वर में उन्हें स्वतंत्रता संग्राम का अग्रिम पंक्ति का योद्धा और आधुनिक बीकानेर के विकास का जनक बताया।


समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि मूलचंद पारीक एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने युवावस्था से ही गांधीवादी आदर्शों को आत्मसात कर लिया था। उन्होंने जीवन भर खादी धारण की और सादगी को अपना गहना बनाया। डॉ. कल्ला ने युवा पीढ़ी से उनके जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।


बीकानेर के सर्वांगीण विकास में अविस्मरणीय योगदान
संस्थान के अध्यक्ष नित्यानंद पारीक ने उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को साझा करते हुए बताया कि मूलचंद जी का महात्मा गांधी, पंडित नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री जैसे महापुरुषों से सीधा संवाद था। उन्होंने बताया कि आज बीकानेर की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कहे जाने वाले सैटेलाइट हॉस्पिटल, पीबीएम अस्पताल और कोठारी अस्पताल को स्थापित करवाने में मूलचंद जी की विशेष भूमिका रही है। भाजपा नेता संपत पारीक ने बताया कि वे लगभग 100 से अधिक संस्थाओं से जुड़कर निरंतर समाज सेवा में सक्रिय रहे।
दलगत राजनीति से ऊपर थे ‘पारीक जी’
श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के प्रतिनिधियों ने उनकी साख को नमन किया।
उप महापौर मोहम्मद हारून राठौड़ ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बीकानेर में आजादी का झंडा बुलंद करने वालों में वे सबसे आगे थे। भाजपा नेत्री मीना असोपा ने कहा कि उनके विचार और देशप्रेम आज भी हमें प्रेरित करते हैं। कांग्रेस सेवा दल के सलीम भाटी और समाजसेवी राजेश चुरा ने उनके उल्लेखनीय कार्यों को याद किया।
पारीक समाज और शहरवासियों ने दी पुष्पांजलि
संस्था सचिव डॉ. मिर्जा हैदर बेग ने कहा कि मूलचंद जी ने जीवन भर धन नहीं, बल्कि देश सेवा कमाई। उन्होंने उनकी मूर्ति के रखरखाव के लिए समाज के साथ-साथ सभी वर्गों को आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान कवि शिव दाधीच ने अपनी कविताओं के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। पारीक समाज के ट्रस्टी गिरिराज पारीक ने सभी प्रबुद्ध जनों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके पुत्र भंवरलाल पारीक, भगवती प्रसाद, पोते राकेश पारीक (बंटू) सहित महेंद्र जोशी, शिवरी चौधरी, सुमित कोचर और भारी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन पवन राठी ने किया।
