बीकानेर में राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर — “चाइनीज मांझा छोड़ो, प्रकृति से नाता जोड़ो” का आह्वान


बीकानेर, 5 जनवरी । स्थानीय शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय (शीतला गेट के बाहर) में सोमवार को स्काउट-गाइड और करुणा क्लब टीम के सदस्यों ने ‘राष्ट्रीय पक्षी दिवस’ उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पक्षी संरक्षण का संकल्प लेते हुए समाज को विशेष रूप से घातक चाइनीज मांझे के बहिष्कार का संदेश दिया।


शाला के कब मास्टर रमेश कुमार मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पक्षी हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी रक्षा करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने जोर दिया कि पक्षी संरक्षण केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि पूरे वर्ष की जिम्मेदारी होनी चाहिए।


पर्यावरण के रक्षक हैं पक्षी: हनुमान छींपा
शाला प्रधानाध्यापक हनुमान छींपा ने पक्षियों के लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे खेतों में हानिकारक कीटों को खाकर हमारी फसलों की रक्षा करते हैं। इसके साथ ही, कई प्रजातियां वनों के विस्तार और वनस्पतियों के प्रसार में सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पक्षियों के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया।
घटती गौरैया पर जताई चिंता
करुणा क्लब टीम की अध्यक्ष मानवी सोलंकी ने राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर आधारित आलेख का वाचन किया। उन्होंने घरेलू गौरैया (House Sparrow) की तेजी से घटती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमें अपने घरों की छतों पर दाना-पानी की नियमित व्यवस्था करनी चाहिए। मानवी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “चाइनीज मांझा छोड़ो, प्रकृति से नाता जोड़ो”, क्योंकि यह मांझा बेजुबान पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
संरक्षण के व्यावहारिक उपाय
करुणा टीम के प्रभारी सौरभ बजाज ने पक्षी संरक्षण के सरल और प्रभावी तरीके साझा किए। उन्होंने पेड़ लगाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने, कृत्रिम घोंसले बनाने और घायल पक्षियों के लिए रेस्क्यू व्यवस्था जैसे कार्यों पर बल दिया। कार्यक्रम में शैली सोलंकी, दीपिका और प्रद्युम्न दैया ने भी अपने विचार रखे। अंत में सभी ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पक्षियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की शपथ ली।








