बीकानेर रेंज के नए आईजी ओमप्रकाश ने संभाला कार्यभार; बोले- पॉक्सो मामलों में फांसी ही अंतिम उद्देश्य

बीकानेर रेंज के नए आईजी ओमप्रकाश ने संभाला कार्यभार
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quicjZaps 15 sept 2025
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  • सिर्फ गिरफ्तारी ही जीत नहीं, सजा दिलाना लक्ष्य

बीकानेर, 25 फरवरी। बीकानेर रेंज के नवनियुक्त पुलिस महानिरीक्षक (IG) ओमप्रकाश ने बुधवार को पदभार ग्रहण करने के साथ ही पुलिसिंग के पुराने तौर-तरीकों में बदलाव का स्पष्ट संकेत दे दिया है। मीडिया से रूबरू होते हुए आईजी ने पुलिस की पारंपरिक ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस संस्कृति’ पर गंभीर आत्ममंथन किया। उन्होंने दो टूक कहा कि आरोपी को पकड़कर प्रेस कॉन्फ्रेंस करना और खुश हो जाना काफी नहीं है, क्योंकि जब वही आरोपी साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट से बरी होता है, तो पीड़ित और समाज खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं।

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पॉक्सो और महिला उत्पीड़न: अब ‘फॉलोअप’ पर रहेगा जोर
आईजी ओमप्रकाश ने बीकानेर में हाल ही में हुए मासूम छात्रा हत्याकांड का जिक्र करते हुए न्याय की नई रणनीति साझा की।
फांसी की सजा का लक्ष्य: आईजी ने स्पष्ट किया कि आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, अब उसे फांसी के फंदे तक पहुंचाना प्राथमिकता है।

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विशेष पीपी की नियुक्ति: केस की मजबूती के लिए स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (PP) की मदद ली जा रही है ताकि जांच के बिंदुओं में कोई खामी न रहे।

अदालती पैरवी: उन्होंने कहा कि अजमेर और पाली की तर्ज पर बीकानेर में भी महिला उत्पीड़न के मामलों को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

साइबर क्राइम: अब ग्रामीणों को नहीं लगाने होंगे 100 किमी के चक्कर
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर आईजी ने एक अभिनव प्रयोग की घोषणा की।

रूरल लेवल पर समाधान: आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में ठगी होने पर पीड़ित को जिला मुख्यालय स्थित साइबर थाने (जो 100 किमी दूर हो सकता है) भेजा जाता है, जिससे समय और डेटा का नुकसान होता है।

दक्ष पुलिसकर्मी: अब कोशिश होगी कि प्रत्येक छोटे ग्रामीण थाने में 2-3 ऐसे दक्ष पुलिसकर्मी हों जो तत्काल खाता ब्लॉक करवा सकें, कॉल डिटेल निकाल सकें और डेटा एनालिसिस कर सकें।

सीमा पार ‘ड्रोन’ और ड्रग्स: पुराने खिलाड़ियों पर पैनी नजर
भारत-पाक सीमा पर बढ़ती ड्रोन गतिविधियों और एनडीपीएस (NDPS) तस्करी पर आईजी ने अपना अनुभव साझा किया:

पुराने अपराधी सक्रिय: आईजी (पूर्व डीआईजी सिक्योरिटी) ने बताया कि ड्रग्स के धंधे में कोई नया नहीं आता, बल्कि पंजाब और राजस्थान के पुराने अपराधी ही जमानत पर छूटकर दोबारा सक्रिय होते हैं।

इंटर-स्टेट कोआर्डिनेशन: इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए पंजाब पुलिस और अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।

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