अब बीकानेर में ही तैयार होंगे खजूर के टिश्यू कल्चर के पौधे

स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय और केंद्रीय शुष्क बाग़वानी संस्थान के बीच हुए एमओयू को 3 साल बढ़ाते हुए की गई है ये व्यवस्था
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
  • स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय और केंद्रीय शुष्क बाग़वानी संस्थान के बीच हुए एमओयू को 3 साल बढ़ाते हुए की गई है ये व्यवस्था

बीकानेर, 2 मार्च। अब जल्द ही बीकानेर में खजूर के टिश्यू कल्चर के पौधे तैयार किए जाएँगे। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर इन्हें तैयार करेगा। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय और केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान(सीआईएएच) के बीच हुए एमओयू को तीन साल और विस्तार देते हुए इसकी व्यवस्था की गई है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरुण कुमार ने बताया कि सीआईएएच के साथ एमओयू को तीन साल बढ़ाया गया है। इसी के अंतर्गत स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि महाविद्यालय और सीआईएएच के संयुक्त शौध से खजूर के टिश्यू कल्चर के पोधे यूनिवर्सिटी में ही तैयार करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे किसानों को खजूर की बरई, हलोवी, खनूजी समेत विभिन्न क़िस्मों के टिश्यू कल्चर के पौधे कम लागत में और समय पर उपलब्ध हो सकेंगे। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।

pop ronak

अनुसंधान निदेशक डॉ पीएस शेखावत ने बताया कि अब तक कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर द्वारा किसानों को खजूर का सकर्ष ही उपलब्ध करवाया जाता था। टिश्यू कल्चर के पौधे जयपुर, जोधपुर या अन्य स्थानों से मँगवाए जाते थे जो 4 से 5 हज़ार रुपए प्रति पौधा मिलता था। साथ ही कई बार समय पर भी पोधे उपलब्ध नहीं हो पाते थे। इससे किसानों को परेशानी होती थी।

अब सीआईएएच के साथ एमओयू तीन साल बढ़ाने के साथ ही कृषि महाविद्यालय बीकानेर में ही कम क़ीमत पर और समय पर टिश्यू कल्चर के पोधे उपलब्ध हो सकेंगे। कृषि महाविद्यालय बीकानेर के अधिष्ठाता डॉ पी के यादव ने बताया कि एमओयू में लेबोरेट्री, रिसर्च, टीचिंग, गाइडिंग समेत कई अन्य मुख्य बिंदुओं को आगे बढ़ाया गया है जिसका लाभ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को भी मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *