श्रीडूंगरगढ़ में एनआरसीसी का पशु स्वास्थ्य शिविर संपन्न, विद्यार्थियों को मिला उष्ट्र संरक्षण का मंत्र
श्रीडूंगरगढ़ में एनआरसीसी का पशु स्वास्थ्य शिविर संपन्न, विद्यार्थियों को मिला उष्ट्र संरक्षण का मंत्र


बीकानेर, 17 फरवरी। भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (NRCC), बीकानेर द्वारा मंगलवार को श्रीडूंगरगढ़ तहसील के शीतलनगर ग्राम में ‘अनुसूचित जाति उप-योजना’ (SCSP) के अंतर्गत एक दिवसीय पशु स्वास्थ्य शिविर एवं कृषक-वैज्ञानिक संवाद का भव्य आयोजन किया गया। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में आयोजित इस शिविर से न केवल 96 से अधिक पशुपालक लाभान्वित हुए, बल्कि 72 स्कूली विद्यार्थियों को भी ‘रेगिस्तान के जहाज’ और जलवायु परिवर्तन में उसकी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।


केंद्र निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना था। वैज्ञानिकों ने पशुपालकों से आह्वान किया कि वे ऊंटनी के दूध के मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण की तकनीकों को अपनाकर डेयरी उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें।


वैज्ञानिक संवाद: रोगों से बचाव और उन्नत पोषण पर चर्चा
शिविर के दौरान पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने पशुपालकों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया और उन्नत पशुपालन के गुर सिखाए:
रोग प्रबंधन: वैज्ञानिक डॉ. श्याम सुंदर चौधरी ने पशुओं में होने वाले प्रमुख रोगों की पहचान और उनके उपचार की जानकारी दी। उन्होंने समय पर टीकाकरण और नियमित कृमिनाशक (Deworming) दवाओं के महत्व पर जोर दिया।
दुग्ध उत्पादन: पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. काशीनाथ ने पशुओं के संतुलित आहार और स्वच्छता पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि उचित देखभाल से न केवल पशु स्वस्थ रहेंगे, बल्कि दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
विद्यार्थियों के लिए विशेष परिचर्चा एवं प्रोत्साहन
स्कूली बच्चों में पर्यावरण और ऊंटों के प्रति लगाव पैदा करने के लिए ‘जलवायु परिवर्तन के दौर में ऊँट की भूमिका’ विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि बदलती परिस्थितियों में ऊंट किस प्रकार पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप स्कूली किट प्रदान किए गए, जिससे विद्यालय स्टाफ और बच्चों में भारी उत्साह देखा गया।
निःशुल्क सहायता सामग्री का वितरण
एस.सी.एस.पी. योजना के नोडल अधिकारी श्री मनजीत सिंह ने बताया कि शिविर में आए पशुपालकों को पशु आहार, खनिज मिश्रण, लवण, कृमिनाशक दवाइयां और प्राथमिक उपचार किट निःशुल्क वितरित किए गए।
योजना की जानकारी: वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री अखिल ठुकराल और वित्त एवं लेखा अधिकारी श्री आशीष पित्ती ने केंद्र द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सहायता और अनुदान प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि पशुपालक भविष्य में भी इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
