पाइप लाइन का सफल परीक्षण पूरा; मार्च से बीछवाल और करणी क्षेत्र में मिलेगी नेचुरल गैस
पाइप लाइन का सफल परीक्षण पूरा; मार्च से बीछवाल और करणी क्षेत्र में मिलेगी नेचुरल गैस


- बीकानेर के औद्योगिक विकास में ‘गैस’ की रफ्तार
बीकानेर, 27 फरवरी। बीकानेर को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गेसोनेट कंपनी द्वारा औद्योगिक इकाइयों के लिए बिछाई गई गैस पाइप लाइन का सफल परीक्षण संपन्न हो गया है। इस उपलब्धि के साथ ही अब मार्च माह के अंत तक बीछवाल, करणी और समता नगर के निवासियों व उद्यमियों को पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।


मार्च अंत तक शुरू होगी सप्लाई: करणी क्षेत्र की बड़ी इकाई जुड़ी
बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया और गेसोनेट कंपनी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच हुई उच्च स्तरीय चर्चा में प्रोजेक्ट की प्रगति साझा की गई।


सफल टेस्टिंग: कंपनी के जनरल मैनेजर गंगा प्रसाद बरुआ ने बताया कि वर्तमान में करणी औद्योगिक क्षेत्र की एक बड़ी खाद्य इकाई को सफलतापूर्वक गैस पाइप लाइन से जोड़ दिया गया है और इसका तकनीकी परीक्षण भी पूरा हो चुका है।
विस्तार योजना: वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार ने आश्वस्त किया कि करणी, बीछवाल और समता नगर के रिहायशी इलाकों में पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण है। मार्च माह के अंत तक उपभोक्ताओं को कनेक्शन देकर गैस सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
बीकानेर बनेगा राजस्थान का ‘मोरबी’: सिरेमिक उद्योग को मिलेंगे पंख
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ बीकानेर के सिरेमिक उद्योग को मिलने वाला है। अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बीकानेर की तुलना गुजरात के मोरबी से करते हुए महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए:
कच्चे माल का निर्यात: बीकानेर में प्रतिवर्ष 31 लाख टन क्ले का खनन होता है, जिसका 98 प्रतिशत हिस्सा फिलहाल गुजरात के मोरबी निर्यात कर दिया जाता है।
वेल्यू एडिशन की संभावना: बीकानेर में कच्चा माल उपलब्ध होने के बावजूद केवल गैस की कमी के कारण उद्योग पनप नहीं पा रहे थे। गैस मिलने पर यहाँ के कच्चे माल पर 500 से 1000 प्रतिशत तक का ‘वेल्यू एडिशन’ बीकानेर में ही संभव होगा।
मोरबी का मॉडल: गुजरात के मोरबी में बीकानेर के क्ले और क्वार्टज पर आधारित 600 इकाइयां कार्यरत हैं, जहाँ 40 हजार करोड़ का उत्पादन होता है। पचीसिया ने दावा किया कि यदि बीकानेर में गैस पाइप लाइन का जाल बिछ जाता है, तो मोरबी जैसा आर्थिक चमत्कार राजस्थान में भी देखने को मिलेगा।
रोजगार और निवेश के नए द्वार
गैस पाइप लाइन की उपलब्धता से न केवल मौजूदा उद्योगों की लागत कम होगी, बल्कि नए बड़े निवेश के रास्ते भी खुलेंगे। इससे हजारों स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिलने और बीकानेर के राजस्व में भारी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। बैठक में मार्केटिंग मेनेजर प्रशांत भट्ट ने भी तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की।
