राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय’ अब पूरे भारत में ‘अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ’ के नाम से जाना जाएगा

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय' अब पूरे भारत में 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ' के नाम से जाना जाएगा
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quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 29 मार्च 2026। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) राजस्थान की जिला कार्यकारिणी और प्रदेश पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक रविवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जेलवेल में संपन्न हुई। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस बैठक में संगठन के स्वरूप में बड़े बदलाव के साथ-साथ शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं पर गहन मंथन किया गया।

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संगठन का नया नाम और राष्ट्रव्यापी पहचान
जिलाध्यक्ष मोहनलाल भादू ने बैठक में ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि ‘राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय’ अब वर्ष 2026 से पूरे भारत में एक समान नाम ‘अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा)’ के रूप में कार्य करेगा। यह बदलाव संगठन को एक राष्ट्रीय पहचान देने और एकरूपता लाने के उद्देश्य से किया गया है।

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संस्कार तीर्थ के रूप में विकसित हों विद्यालय: रवि आचार्य
मुख्य अतिथि रवि आचार्य ने पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे विद्यालयों को केवल शिक्षण स्थल न मानकर ‘संस्कार तीर्थ’ के रूप में विकसित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का उत्तरदायित्व विद्यार्थियों में नैतिकता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव जगाना है। उन्होंने व्यक्तिगत पहचान से ऊपर संगठन की प्रतिष्ठा को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया।

संगठनात्मक विस्तार और सदस्यता अभियान
महिला मंत्री श्रीमती चंद्रकला भादानी ने बताया कि संगठन वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर 13 लाख 60 हजार से अधिक सदस्यों के साथ सक्रिय है। उन्होंने 15 से 25 अप्रैल तक चलने वाले आगामी सदस्यता अभियान, खंड स्तरीय प्रशिक्षण और सोशल मीडिया सक्रियता की रूपरेखा प्रस्तुत की। मंडल संयुक्त मंत्री विनोद पुनिया और प्रदेश संयुक्त मंत्री सुरेश व्यास ने पदाधिकारियों से प्रत्येक शिक्षक तक पहुँच बनाने और उनके दायित्वों के निरंतर मूल्यांकन करने की बात कही।

शिक्षकों की प्रमुख मांगें और मुद्दे
बैठक में सत्र 2026-27 के लिए शिक्षकों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई और सरकार से निम्नलिखित मांगें रखी गईं:

ग्रीष्मावकाश: ग्रीष्मावकाश की अवधि में कटौती के विचाराधीन प्रस्ताव का अनुमोदन न किया जाए।

डीपीसी और पदोन्नति: तृतीय श्रेणी सहित समस्त संवर्गों की बकाया डीपीसी तत्काल की जाए और शारीरिक शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष एवं प्रयोगशाला सहायकों के लिए पदनाम परिवर्तन कर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हो।

स्थानांतरण: तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गों के स्थानांतरण शीघ्र किए जाएं।

पद स्वीकृति: स्टाफिंग पैटर्न लागू कर प्रदेश के विद्यालयों में रिक्त सवा लाख से अधिक पदों को भरा जाए।

वेतन विसंगति: सेवारत शिक्षकों की इंटर्नशिप अवधि की वेतन वसूली रोकी जाए और मकान किराया वसूली के आदेश वापस लिए जाएं।

उपस्थिति: बैठक में मोहम्मद फैसल, सुरेश खेसवानी, विकास पंवार, चंद्रकला आचार्य, बबीता वर्मा, बहादुर सिंह, पूनम गोदारा, राजेंद्र व्यास और दीपक उप्रेती सहित अनेक शिक्षक नेता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।