रुपये में रिकॉर्ड गिरावट, डॉलर के मुकाबले ₹92.36 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंचा भारतीय रुपया

रुपये में रिकॉर्ड गिरावट, डॉलर के मुकाबले ₹92.36 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंचा भारतीय रुपया
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
surender bothra

बीकानेर , थार बिजनेस डेस्क, 12 मार्च । भारतीय मुद्रा बाजार में गुरुवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 35 पैसे कमजोर होकर 92.36 के स्तर पर पहुंच गया। यह रुपये का अब तक का सर्वकालिक निचला स्तर (All-time Low) है। पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के चलते घरेलू मुद्रा पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

क्यों टूट रहा है रुपया?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये में इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे कई प्रमुख वैश्विक और घरेलू कारण हैं:

pop ronak

पश्चिमी एशिया में संघर्ष: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध थमने के संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे वैश्विक निवेशकों में घबराहट है।

कच्चे तेल में उबाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 9.94% उछलकर 101.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। तेल आयात महंगा होने से व्यापार घाटा बढ़ने की आशंका है।

डॉलर की मजबूती: छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.24% बढ़कर 99.47 पर पहुंच गया है।

विदेशी पूंजी की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को भारतीय बाजार से ₹6,267.31 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे बाजार में डॉलर की मांग बढ़ गई।

शेयर बाजार भी धड़ाम
मुद्रा बाजार के साथ-साथ घरेलू शेयर बाजार में भी गुरुवार सुबह भारी बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 992.53 अंक फिसलकर 75,871.18 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी 310.55 अंक टूटकर 23,556.30 अंक पर कारोबार करता दिखा। निवेशकों की संपत्ति में कुछ ही मिनटों में लाखों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

महंगाई बढ़ने की आशंका
रुपये के कमजोर होने और कच्चे तेल की कीमतों में इस भारी उछाल का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है। आयात महंगा होने से आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों और आयातित सामान (जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और खाने का तेल) के दामों में बढ़ोतरी की संभावना प्रबल हो गई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *