दिल्ली में ‘साहित्य के महाकुंभ में 30 मार्च से साहित्य अकादमी का ‘फेस्टिवल ऑफ लेटर्स 2026
बीकानेर के 5 साहित्यकारों का दबदबा देखने को मिलेगा।



बीकानेर के 5 साहित्यकारों का दबदबा देखने को मिलेगा


बीकानेर, 29 मार्च 2026। संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) के अंतर्गत साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित होने वाले देश के सबसे बड़े साहित्योत्सव ‘फेस्टिवल ऑफ लेटर्स 2026’ का आगाज सोमवार, 30 मार्च से नई दिल्ली के रवीन्द्र भवन में होने जा रहा है। 4 अप्रैल तक चलने वाले इस छह दिवसीय आयोजन में मरुधरा की सांस्कृतिक राजधानी बीकानेर का दबदबा देखने को मिलेगा।


बीकानेर के ये 5 दिग्गज साहित्यकार करेंगे प्रतिनिधित्व
साहित्योत्सव के विभिन्न महत्वपूर्ण सत्रों में बीकानेर के पांच विख्यात रचनाकार अपनी मेधा और लेखनी का परिचय देंगे।
मधु आचार्य ‘आशावादी’ (30 मार्च): वरिष्ठ साहित्यकार मधु आचार्य इन्द्रावती सभागार में आयोजित पैनल चर्चा ‘मैं क्यों लिखता हूं’ में अपने लेखन के प्रेरक अनुभवों को साझा करेंगे।
डॉ. ब्रज रतन जोशी (31 मार्च): कावेरी सभागार में आयोजित ‘हवा में मर्मर ध्वनियां’ कार्यक्रम के तहत डॉ. जोशी अपनी प्रतिनिधि हिंदी कविताओं का पाठ करेंगे।
डॉ. नन्द किशोर आचार्य (2 अप्रैल): यमुना सभागार में ‘भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में साहित्य की भूमिका (वंदे मातरम के 150 वर्ष)’ विषय पर आयोजित गंभीर चर्चा में डॉ. आचार्य पैनलिस्ट के रूप में शामिल होंगे।
अमित गोस्वामी (2 अप्रैल): साहित्यकार अमित गोस्वामी ‘विचारोत्तेजक लालित्य’ सत्र में अपनी विशिष्ट शैली में उर्दू काव्य पाठ प्रस्तुत करेंगे।
संजय पुरोहित (4 अप्रैल): साहित्योत्सव के अंतिम दिन संजय पुरोहित ‘आत्मा की आवाज’ कार्यक्रम में राजस्थानी भाषा में काव्य पाठ कर मातृभाषा की मिठास घोलेंगे।
650 साहित्यकार, 50 भाषाएं और 100 से अधिक सत्र
इस मेगा इवेंट में देशभर से लगभग 650 प्रतिष्ठित साहित्यकार हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 50 भारतीय भाषाओं का प्रतिनिधित्व होगा और विभिन्न विषयों पर 100 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। बीकानेर के साहित्यकारों का इतनी बड़ी संख्या में चयन शहर के समृद्ध साहित्यिक परिवेश को रेखांकित करता है।
