स्कॉलरशिप के नाम पर दुकानदार से ठगी; खुद को लेबर कोर्ट का अधिकारी बताकर हड़पे हजारों रुपये
स्कॉलरशिप के नाम पर दुकानदार से ठगी; खुद को लेबर कोर्ट का अधिकारी बताकर हड़पे हजारों रुपये


श्रीगंगानगर, 2 अप्रैल 2026। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक जालसाज ने खुद को लेबर कोर्ट का अधिकारी बताकर एक दुकानदार को सरकारी योजना का झांसा दिया और हजारों रुपये हड़प लिए। मामला सादुलशहर थाना क्षेत्र का है, जहाँ अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


शुभ शक्ति योजना का दिया झांसा
पीड़ित कृष्णलाल (45), निवासी खाटसजवार (सादुलशहर) ने बताया कि 18 अक्टूबर 2025 को आरोपी सुनील कुमार (निवासी अनूपगढ़) ने उन्हें फोन किया। आरोपी ने खुद को लेबर कोर्ट का बड़ा अधिकारी बताते हुए दावा किया कि कृष्णलाल के बेटे और बेटी की ‘शुभ शक्ति योजना’ के तहत दो-दो छात्रवृत्तियां स्वीकृत हुई हैं। विश्वास जीतने के लिए उसने व्हाट्सएप पर आधार कार्ड, मजदूर कार्ड और बैंक पासबुक जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मंगवा लिए।


रिन्यूअल के नाम पर किश्तों में वसूली
दस्तावेज मिलने के बाद आरोपी ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और रिन्यूअल (नवीनीकरण) का बहाना बनाया। उसने पहली किश्त के रूप में 2,800 रुपये फोन-पे के माध्यम से मंगवाए। इसके बाद झांसा देकर अलग-अलग बहानों से कुल 22,000 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी छात्रवृत्ति नहीं आई और कृष्णलाल ने पूछताछ शुरू की, तो आरोपी टाल-मटोल करने लगा।
जातिसूचक गालियां दी और पैसे लौटाने से किया मना
कृष्णलाल ने जब अपने स्तर पर पड़ताल की, तो पता चला कि सुनील कुमार लेबर कोर्ट में किसी भी पद पर कार्यरत नहीं है और वह एक पेशेवर ठग है। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने न केवल पैसे देने से साफ मना कर दिया, बल्कि कृष्णलाल के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें जातिसूचक गालियां भी दीं।
पुलिस कार्रवाई और जांच
पुलिस द्वारा शुरुआत में कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने विशेष एससी/एसटी प्रकरण कोर्ट, श्रीगंगानगर की शरण ली। कोर्ट के कड़े आदेश के बाद सादुलशहर थाना पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच ग्रामीण सीओ भूपेंद्र सोनी को सौंपी गई है।
