साइबर सुरक्षा और ‘पॉश’ एक्ट के प्रति छात्र-छात्राओं को किया जागरूक
साइबर सुरक्षा और 'पॉश' एक्ट के प्रति छात्र-छात्राओं को किया जागरूक


- एसकेआरएयू में कार्यशाला
बीकानेर, 9 मार्च । स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) के मानव संसाधन विकास सभागार में सोमवार को एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य केंद्र ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम’ तथा ‘साइबर अपराध एवं सुरक्षा’ रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।


कार्यस्थल पर सुरक्षा: आईसीसी का गठन अनिवार्य
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. देवाराम सैनी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि सभी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि समितियों की नियमित बैठकें हों और उनकी रिपोर्ट समय पर भेजी जाए।


पारदर्शिता: समिति के गठन और इसके सदस्यों की सूचना संस्थान के सूचना बोर्ड पर चस्पा होनी चाहिए।
नैतिक वातावरण: संस्थान प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि महिला कार्मिक कार्यस्थल पर पूर्णतः सुरक्षित महसूस करें।
महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना और उरमूल सीमांत समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुशीला ओझा ने ‘पॉश’ (POSH) एक्ट पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को डरमुक्त माहौल में काम करने का आत्मविश्वास देता है।
बढ़ता साइबर क्राइम: सतर्कता ही बचाव
अनुसंधान निदेशक डॉ. एन.के. शर्मा और रजिस्ट्रार डॉ. सैनी ने बढ़ते साइबर अपराधों को एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय सतर्कता ही इस अपराध को रोकने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।
साइबर पुलिस की सलाह: साइबर थाना प्रभारी रमेश सरवटे और उनकी टीम ने विद्यार्थियों को विभिन्न साइबर पोर्टल, सरकारी एजेंसियों और सुरक्षा सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
संवाद: पुलिस टीम ने विद्यार्थियों के जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के उत्तर दिए और उन्हें ऑनलाइन फ्रॉड व प्राइवेसी सुरक्षा के टिप्स साझा किए।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. दीपाली धवन के स्वागत उद्बोधन से हुई। छात्र कल्याण निदेशक डॉ. एच.एल. देशवाल ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुशील ने किया। इस अवसर पर संबद्ध महाविद्यालयों के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
