सुनील गज्जाणी “चेहरा ज़हन में उतर जाए इतना क़रीब बैठते थे वो….” नामक कविता के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित होंगे
सुनील गज्जाणी “चेहरा ज़हन में उतर जाए इतना क़रीब बैठते थे वो….” नामक कविता के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित होंगे
सुनील गज्जाणी “चेहरा ज़हन में उतर जाए इतना क़रीब बैठते थे वो….” नामक कविता के लिए राज्य स्तर पर सम्मानित होंगे
विश्व कविता दिवस पर त्रिभाषा काव्य-गोष्ठी, बीकानेर में गूँजी हिन्दी, उर्दू और राजस्थानी की त्रिवेणी
विश्व कविता दिवस पर बीकानेर में अनूठी पहल
लक्ष्मीनारायण रंगा की स्मृति में सजी काव्य रंगत, साहित्यकारों ने दी भावांजलि