होटल ताज में ‘आतंकवादी हमला’! 100 लोगों को बनाया बंधक, ATS और कमांडो ने डेढ़ घंटे के ऑपरेशन के बाद पाया काबू
होटल ताज में 'आतंकवादी हमला'


पटना, 16 फरवरी। बिहार की राजधानी पटना का लोदीपुर इलाका सोमवार सुबह उस समय गोलियों की तड़तड़ाहट और धमाकों की आवाज से दहल उठा, जब सूचना मिली कि ‘होटल ताज सिटी सेंटर’ में तीन खूंखार आतंकवादी घुस आए हैं। एके-47 और हैंड ग्रेनेड से लैस इन हमलावरों ने होटल के भीतर मौजूद करीब 100 मेहमानों को बंधक बना लिया। इलाके में दहशत फैल गई और देखते ही देखते बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया। हालांकि, जब डेढ़ घंटे के सघन ऑपरेशन के बाद आतंकवादियों को काबू किया गया, तब पुलिस ने खुलासा किया कि यह असल हमला नहीं, बल्कि सुरक्षा चाक-चौबंद करने के लिए की गई एक ‘मॉक ड्रिल’ (Mock Drill) थी।


किसी फिल्म सा था मंजर: धमाकों के साथ घुसे ‘आतंकी’
तय स्क्रिप्ट के मुताबिक, सुबह की शांति उस वक्त भंग हुई जब तीन डमी आतंकवादियों ने होटल के प्रवेश द्वार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाते हुए दो हैंड ग्रेनेड फेंके। धमाकों की गूंज सुनते ही आसपास के दुकानदारों और राहगीरों के रोंगटे खड़े हो गए। हमलावर तेजी से होटल के भीतर घुसे और हथियारों के बल पर मेहमानों को एक कमरे में बंधक बना लिया। तत्काल इसकी सूचना जिला पुलिस और एटीएस (Anti-Terrorism Squad) को दी गई।


ATS का साझा ऑपरेशन और ‘रिस्पॉन्स टाइम’ की जांच
सूचना मिलते ही एटीएस की टीमें और एलीट कमांडो फोर्स सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचीं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और स्नाइपर्स ने पोजीशन ले ली। करीब 90 मिनट तक चले इस जटिल अभियान में कमांडोज ने होटल की हर मंजिल को सैनिटाइज किया और बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालने की बारीकियों का अभ्यास किया।
तालमेल की परख: ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय पुलिस और विशेष दस्तों के बीच कमांड कंट्रोल और तालमेल की जांच करना था।
तकनीकी अभ्यास: आतंकवादियों को न्यूट्रलाइज करने और घायलों को त्वरित प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रियाओं को भी परखा गया।
त्योहारों से पहले सुरक्षा की पुख्ता तैयारी
जब ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और डमी आतंकवादियों को ‘ढेर’ कर दिया गया, तब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने माइक्रोफोन के जरिए जनता को वास्तविकता बताई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगामी त्योहारों और सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए यह एक्सरसाइज आयोजित की गई थी। अधिकारियों ने संतोष जताया कि पुलिस और एटीएस का ‘रिस्पॉन्स टाइम’ और कार्यवाही का तरीका मानक के अनुरूप पाया गया। इस घोषणा के बाद ही वहां मौजूद आम लोगों ने चैन की सांस ली।
