क्षत्रिय करणी सेना ने फूंका चुनावी बिगुल; व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प
क्षत्रिय करणी सेना ने फूंका चुनावी बिगुल; व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प


- देशनोक की पावन धरा पर ‘अखंड करणी पार्टी’ का उदय
बीकानेर/देशनोक, 26 फरवरी। राजस्थान की राजनीति में गुरुवार को एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। देशनोक के करणी बाग में आयोजित एक भव्य समारोह में क्षत्रिय करणी सेना ने अपने नए राजनीतिक दल ‘अखंड करनी पार्टी’ (AKP) की विधिवत घोषणा की। श्री शारदा सर्वज्ञ पीठ, जम्मू-कश्मीर के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ के सान्निध्य में हुई इस घोषणा ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य सत्ता प्राप्ति नहीं, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करना है।


आंदोलन से अब शासन तक: डॉ. राज शेखावत का बड़ा बयान
अखंड करणी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने पार्टी के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि अब केवल सड़कों पर आंदोलन करने से समाज के अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे।


नीति और नेतृत्व: डॉ. शेखावत ने कहा, “यह पार्टी किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी और सामान्य वर्ग की उस पीड़ा की आवाज है जिसे वर्षों से तुष्टिकरण की राजनीति के नीचे दबाया गया है।”
राष्ट्र प्रथम: उन्होंने घोषणा की कि राष्ट्रहित की राजनीति को केंद्र में रखकर अब नीति और शासन में सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
महिलाओं को 50% भागीदारी: आधी आबादी को नेतृत्व का अधिकार
महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संगीता सिंह ने पार्टी की समावेशी नीति की घोषणा करते हुए एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया।
बराबरी का हक: उन्होंने ऐलान किया कि अखंड करणी पार्टी में 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं को दी जाएगी।
निर्णायक भूमिका: डॉ. सिंह ने कहा कि यह मंच उन करोड़ों राष्ट्रवादियों के लिए है जो अब केवल मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहते, बल्कि सत्ता में बैठकर निर्णय लेना चाहते हैं।
शंकराचार्य का आशीर्वचन: “धर्म की राह पर चलें”
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सनातन संस्कृति और राष्ट्रहित के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भेदभाव भूलकर सबको समान अधिकार मिलना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है। धर्म की राह पर चलने वाला व्यक्ति कभी किसी के साथ अन्याय या अत्याचार नहीं होने देता।
अखंड करणी पार्टी (AKP) का 7-सूत्रीय संकल्प पत्र
पार्टी ने अपने घोषणापत्र के मुख्य बिंदुओं को साझा किया, जो आगामी चुनावों में उनका आधार होंगे।
अखंडता: राष्ट्र की सुरक्षा और स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं।
सांस्कृतिक रक्षा: सनातन इतिहास और राष्ट्रीय अस्मिता की अडिग रक्षा।
समानता: बिना किसी भेदभाव के सभी को समान अवसर और न्याय।
युवा नेतृत्व: युवाओं को केवल नारों तक सीमित न रखकर निर्णय लेने का अधिकार।
मध्यम वर्ग का सम्मान: किसान, व्यापारी और मध्यम वर्ग के लिए आत्मसम्मान की राजनीति।
भ्रष्टाचार मुक्त: तुष्टिकरण और खोखली घोषणाओं का पूर्ण बहिष्कार।
जवाबदेही: एक सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था की स्थापना।
समारोह में मंचासीन पदाधिकारी
समारोह में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गोविन्द सिंह भाटी, भंवर सिंह नरूका, बीकानेर जिला अध्यक्ष परमवीर सिंह, ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम सिंह और तहसील अध्यक्ष राजू सिंह देवड़ा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पार्टी न तो किसी के दबाव में झुकेगी और न ही अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा से कोई समझौता करेगी।
