RTE लॉटरी परिणाम घोषित: राजस्थान के निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश का प्राथमिकता क्रम तय, 6.34 लाख आवेदन आए

RTE लॉटरी परिणाम घोषित: राजस्थान के निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश का प्राथमिकता क्रम तय, 6.34 लाख आवेदन आए
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quicjZaps 15 sept 2025
surender bothra

जयपुर/बीकानेर, 12 मार्च । राजस्थान के निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निशुल्क प्रवेश के लिए बहुप्रतीक्षित लॉटरी गुरुवार को जयपुर के शिक्षा संकुल में निकाली गई। इस लॉटरी के माध्यम से स्टूडेंट्स के प्रवेश का प्राथमिकता क्रम तय हो गया है, जिससे अब राज्यभर के लाखों अभिभावकों का इंतजार खत्म हुआ है।

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लॉटरी और आवेदन का गणित
इस वर्ष राज्यभर से लगभग 6.34 लाख विद्यार्थियों ने निशुल्क शिक्षा के लिए आवेदन किया था। लॉटरी प्रक्रिया की मुख्य बातें इस प्रकार रहीं:

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समय में बदलाव: पहले लॉटरी सुबह 11:30 बजे घोषित होनी थी, जिसे बदलकर शाम 4 बजे किया गया, लेकिन तकनीकी रूप से दोपहर 1:00 बजे ही परिणाम जारी कर दिए गए।

चार कक्षाओं में प्रवेश: इस बार पीपी-3+, पीपी-4+, पीपी-5+ (नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी) और पहली कक्षा के लिए आवेदन मांगे गए थे।

नतीजे कहाँ देखें: अभिभावक अब अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से या विभाग के पोर्टल पर अपना प्राथमिकता क्रम देख सकते हैं।

फर्जी दस्तावेजों पर रहेगी कड़ी नजर
सरकार ने इस बार पारदर्शिता बरतने के लिए सख्त कदम उठाए हैं:

पैन कार्ड अनिवार्य: आय प्रमाण पत्र की सत्यता जांचने के लिए पैन कार्ड धारकों से पैन नंबर मांगे गए हैं।

FIR की चेतावनी: यदि किसी अभिभावक के दस्तावेज (विशेषकर आय प्रमाण पत्र) फर्जी पाए जाते हैं, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करवा सकता है।

निजी स्कूल संचालकों की नाराजगी
लॉटरी प्रक्रिया के बीच निजी स्कूल संचालकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीकानेर प्राइवेट स्कूल क्लब के अध्यक्ष मनोज व्यास ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की फीस का पुनर्भुगतान (Reimbursement) नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि चूंकि यह सरकार की योजना है, इसलिए भुगतान की जिम्मेदारी भी सरकार को समय पर निभानी चाहिए।

बीकानेर में भी भारी उत्साह
बीकानेर जिले में भी हजारों की संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। लॉटरी के बाद अब अभिभावकों को संबंधित स्कूल में जाकर रिपोर्टिंग करनी होगी और दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होगा। नर्सरी क्लास में 25% सीटों पर सीधा प्रवेश होगा, जबकि अन्य कक्षाओं में रिक्त सीटों के आधार पर दाखिला दिया जाएगा।

 

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