नहरबंदी और हीटवेव की दोहरी चुनौती , जिला कलक्टर ने कसी कमर, अस्पतालों और जलदाय विभाग को दिए अलर्ट रहने के निर्देश
नहरबंदी और हीटवेव की दोहरी चुनौती



बीकानेर, 9 मार्च । आगामी नहरबंदी और भीषण गर्मी (हीटवेव) की आशंका को देखते हुए बीकानेर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि नहरबंदी के दौरान पेयजल और बिजली आपूर्ति में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


जल भंडारण और पेयजल चोरी पर रहेगी कड़ी नजर
नहरबंदी के दौरान पानी की किल्लत न हो, इसके लिए जिला कलक्टर ने जलदाय और जल संसाधन विभाग को ‘कंटीजेंसी प्लान’ पर काम करने के निर्देश दिए।


पर्याप्त भंडारण: सभी मुख्य जलाशयों, ग्रामीण जीएलआर और डिग्गियों को नहरबंदी से पहले पूरी क्षमता तक भरने के निर्देश दिए गए।
निगरानी: पानी की चोरी रोकने के लिए प्रभावी पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पशुओं के लिए पानी: गर्मी में पशुओं के पीने के पानी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ‘खेलियां’ भरवाने के आदेश दिए गए।
हीटवेव के मद्देनजर अस्पतालों में ‘येलो अलर्ट’
बढ़ते तापमान और हीटवेव (लू) की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं:
दवाइयों की उपलब्धता: सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस (ORS) के पैकेट और आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।
घर-घर दस्तक: आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर ओआरएस पहुँचाने और आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों में विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा: लू के दौरान फूड पॉइजनिंग और डायरिया के खतरे को देखते हुए फूड सेफ्टी टीम को सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बिजली आपूर्ति और ‘हरियालो राजस्थान’ पर जोर
कलक्टर ने बिजली विभाग को ट्रांसफार्मर बदलने और जीएसएस निर्माण के कार्यों को समय पर पूरा करने को कहा ताकि अघोषित कटौती न हो। साथ ही, आगामी ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत वन विभाग को पर्याप्त पौधे तैयार रखने और पंचायत स्तर पर वितरण की योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर रमेश देव सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क पोर्टल के लंबित प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
