राजस्थान में ‘छोटी सरकार’ के लिए बिछने लगी बिसात, बीजेपी ने बीकानेर संभाग के नेताओं को दिया जीत का मंत्र
राजस्थान में 'छोटी सरकार' के लिए बिछने लगी बिसात, बीजेपी ने बीकानेर संभाग के नेताओं को दिया जीत का मंत्र


जयपुर/बीकानेर, 17 फरवरी। राजस्थान में पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों की आहट के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री आवास (CMR) पर आयोजित मैराथन बैठकों के दौर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी इन चुनावों को मिशन मोड में लड़ने जा रही है। मंगलवार को बीकानेर संभाग के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और जिलाध्यक्षों के साथ हुई विशेष बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जीत की रणनीति साझा की।


बैठक में बीकानेर संभाग के कद्दावर नेता और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के साथ वरिष्ठ नेता ओंकार सिंह लखावत भी मौजूद रहे। संगठनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही इस बैठक में ‘अंतिम छोर तक पहुंच’ और ‘विकास के दम पर जीत’ का नारा बुलंद किया गया।


बड़े बदलाव के संकेत: पहले गांव की सरकार, फिर शहरों की बारी
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, इस बार चुनाव प्रक्रिया में कुछ बड़े रणनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सरकार और संगठन के बीच हुई चर्चा में यह संकेत मिले हैं कि:
क्रमवार चुनाव: इस बार संभवतः पहले ग्राम पंचायतों के चुनाव संपन्न कराए जाएंगे और उसके बाद नगरीय निकायों की बारी आएगी।
मतदान प्रक्रिया: प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव 6 साल बाद पुनः मतपेटियों (बैलेट पेपर) से कराए जा सकते हैं, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए EVM का प्रयोग जारी रहेगा।
योग्यता का मापदंड: सरकार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए ‘शैक्षणिक योग्यता’ की शर्त को पुनः लागू करने पर भी विचार कर रही है, जिसका प्रस्ताव आगामी विधानसभा सत्र में लाया जा सकता है।
हाईकोर्ट की डेडलाइन: 15 अप्रैल तक पूरे होंगे चुनाव
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार और चुनाव आयोग को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से संपन्न कराए जाएं। इसी समय सीमा को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने 25 फरवरी तक फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की तैयारी कर ली है। विशेष रूप से उन युवाओं में भारी उत्साह है जो 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के हो चुके हैं और पहली बार ‘छोटी सरकार’ चुनने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
बीजेपी का ‘बूथ जीतो’ अभियान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकार की दो साल की उपलब्धियों को लेकर घर-घर जाएं। उन्होंने कहा कि “कार्यकर्ता ही संगठन की शक्ति है और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करना ही जीत की पहली शर्त है।” बीकानेर संभाग की बैठक में विधायकों से उनके क्षेत्रों का फीडबैक लिया गया और संभावित प्रत्याशियों के चयन को लेकर पारदर्शिता बरतने की सलाह दी गई।
