मंत्रालयिक कर्मचारियों की डीपीसी और पदस्थापन को लेकर बढ़ी हलचल
कमल नारायण आचार्य


- प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने शिक्षा निदेशक से की निर्णायक वार्ता
बीकानेर, 16 फरवरी। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान के बैनर तले मंत्रालयिक संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर सोमवार को बीकानेर निदेशालय में महत्वपूर्ण विमर्श हुआ। संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने शिक्षा निदेशक सीताराम जाट (IAS) से उनके कक्ष में मुलाकात कर कनिष्ठ सहायक से लेकर संस्थापन अधिकारी तक के पदों पर रिव्यु और नियमित डीपीसी (DPC) प्रक्रिया को 31 मार्च 2026 से पहले पूर्ण करने की पुरजोर मांग की।


वार्ता के दौरान आचार्य ने निदेशालय स्तर से शासन को भेजे गए मार्गदर्शन पत्रों का त्वरित निस्तारण करवाने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्थापन अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर राज्य सरकार के स्तर से होने वाली रिव्यु एवं नियमित डीपीसी एक साथ करवाई जाए। इसके अलावा, संभाग स्तर पर वरिष्ठ सहायक से सहायक प्रशासनिक अधिकारी तथा जिला स्तर पर सहायक कर्मचारी से कनिष्ठ सहायक तक की 1986 सहित समस्त डीपीसी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।


आर्थिक नुकसान से राहत के लिए ‘समयबद्ध कैलेंडर’ की मांग
कर्मचारी नेता ने निदेशक महोदय को सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट किया कि डीपीसी में हो रहे विलंब के कारण हजारों कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि समस्त डीपीसी प्रक्रिया को 31 मार्च 2026 की समय सीमा में पूर्ण किया जाए। पदस्थापन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। पूरी प्रक्रिया के लिए एक आधिकारिक ‘समयबद्ध कैलेंडर’ तत्काल जारी किया जाए।
इस संबंध में संघ द्वारा माननीय शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को भी विस्तृत ज्ञापन प्रेषित कर मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है।
निदेशक का आश्वासन: कल बुलाई गई अधिकारियों की बैठक
शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने संघ की मांगों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख अपनाते हुए त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया। आचार्य ने बताया कि निदेशक महोदय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कल ही संबंधित विभागीय अधिकारियों की एक निर्णायक बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में डीपीसी के कैलेंडर और काउंसलिंग की रूपरेखा पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।
इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान मंत्रालयिक संवर्ग के कर्मचारियों में अपनी पदोन्नति को लेकर एक नई उम्मीद जगी है। अब सबकी नजरें कल होने वाली विभागीय बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।
