गंगाशहर में मुनिश्री कमल कुमार जी का ‘त्रिदिवसीय मंगल भावना समारोह’ शुरू
मुनिश्री कमल कुमार


गुरु दर्शन हेतु 25 को लाड़नू की ओर होगा विहार


बीकानेर (गंगाशहर), 21 जनवरी। उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी स्वामी के सान्निध्य में धर्म और संस्कारों की जो गंगा बही है, उसे विदाई देने का समय अब नजदीक आ गया है। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गंगाशहर के तत्वावधान में मुनिश्री के लाड़नू विहार (गुरु दर्शन हेतु) से पूर्व त्रिदिवसीय मंगल भावना समारोह का भव्य शुभारंभ बुधवार को हुआ। समारोह के पहले ही दिन श्रावकों का सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा तेरापंथ भवन भावुक क्षणों का साक्षी बना।


धर्म क्रांति का केंद्र बना गंगाशहर
समारोह के प्रथम दिन उपासक राजेन्द्र सेठिया ने मुनिश्री के प्रवास को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि मुनिश्री की प्रेरणा से न केवल कई भाई-बहन उपासक बने हैं, बल्कि 13 अन्य ने भी इस मार्ग पर चलने हेतु अध्ययन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में धर्मेंद्र डाकलिया ने भी उपासक बनने की घोषणा की, जबकि जेठमल डाकलिया व उषा देवी डाकलिया ने संयम मार्ग पर आगे बढ़ने की भावना व्यक्त की।

आचार्य श्री के चातुर्मास की नींव हैं मुनिश्री
तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश डाकलिया ने मुनिश्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुनिश्री जहाँ भी जाते हैं, वहां धर्म क्रांति ला देते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सूरत में आचार्य श्री महाश्रमण जी का ऐतिहासिक चातुर्मास मुनिश्री के अथक प्रयासों का ही परिणाम था। समारोह में जगत बैद ने दोहों के माध्यम से और नातीले बैद परिवार ने गीतिका के जरिए मुनिश्री से गुरुदेव को साथ लेकर जल्दी वापस आने की मनुहार की।

गीतिकाओं और कविताओं से दी मंगल बधाई
मंगल भावना के इस अवसर पर चैनरूप छाजेड़, किरण देवी छाजेड़, राजेन्द्र बोथरा, पांची देवी छाजेड़, प्रवीणा बोथरा, सुनीता डोसी, सुधा भुरा, प्रभा बैद और प्रेम बोथरा ने सुमधुर गीतिकाओं से मुनिश्री की यात्रा के प्रति मंगलकामनाएं कीं। सुश्री प्रिया पारख की भावपूर्ण प्रस्तुति और दीपंकर छाजेड़ के संस्मरण (जिनकी मुनिश्री की कृपा से 8 की तपस्या पूर्ण हुई) ने सभी को प्रभावित किया। समारोह में दीपंकर छाजेड़ ने कहा की आपकी कृपा से 8 की तपस्या हई। उन्होंने मंगल भावना करते हुए कहा कि आपकी यात्रा मंगल हो आप गुरुदेव को लेकर पधारें।
विहार की तैयारी और भावुक विदाई
समारोह के दौरान प्रमोद नाहटा, अरूण नाहटा, विजय कुमार बैद सहित अनेक वक्ताओं ने कृतज्ञता ज्ञापित की। इस दौरान उपस्थित हजारों श्रावक-श्राविकाओं की आँखें उस समय नम हो गईं जब मुनिश्री ने अपनी चिर-परिचित मुस्कान के साथ ‘मंगल पाठ’ सुनाकर आशीर्वाद दिया। आज मुनिश्री ने शुभकरण-तारादेवी बोथरा व सुमेरमल दफ्तरी परिवार के यहाँ भी पधारकर संस्कारों को पल्लवित करने का पाथेय प्रदान किया।
विहार कार्यक्रम: मुनिश्री का लाड़नू की ओर विहार 25 जनवरी को सुबह गंगाशहर तेरापंथ भवन से होगा।
