बीकानेर में तेज अंधड़ का तांडव में कलेक्ट्री परिसर में चलती कार पर गिरा पेड़, पिता-पुत्र बाल-बाल बचे
बीकानेर में तेज अंधड़ का तांडव


बीकानेर , 25 मार्च। राजस्थान के बीकानेर जिले में बुधवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने शहरवासियों को भारी परेशानी में डाल दिया। दोपहर बाद अचानक आए तेज अंधड़ और धूलभरी आंधी के कारण पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस प्राकृतिक आपदा के दौरान कलेक्ट्री परिसर में एक बड़ा हादसा होते-होते टला, जहां एक चलती कार पर विशालकाय पेड़ गिर गया।


कलेक्ट्री परिसर क्षेत्र से गुजर रहे एडवोकेट जगदीश शर्मा और उनके पुत्र मनीष उस समय बाल-बाल बच गए जब उनकी कार पर अचानक एक पेड़ गिर पड़ा। चश्मदीदों के अनुसार, आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि पेड़ जड़ से उखड़कर सीधे चलती गाड़ी के अगले हिस्से पर जा गिरा। हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, हालांकि पिता-पुत्र सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।


अंधड़ का प्रभाव केवल पेड़ों तक ही सीमित नहीं रहा। पेड़ गिरने के कारण बिजली की लाइनें टूट गईं और एक विद्युत पोल पास ही खड़े एक ठेले पर जा गिरा। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि होने से रुक गई। ज्ञात हो कि शाम के समय कलेक्ट्री क्षेत्र में बड़ी संख्या में ठेले और खोमचे लगते हैं, जिससे वहां काफी भीड़ रहती है।
शहर के व्यापारिक क्षेत्रों में भी अंधड़ ने काफी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं के कारण दुकानों और घरों के बाहर रखा सामान उड़ गया, जिससे राहगीरों और व्यापारियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। आसमान में छाई धूल की चादर के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) भी काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को बीकानेर का अधिकतम तापमान 36.4°C और न्यूनतम तापमान 23.4°C दर्ज किया गया। विभाग का कहना है कि तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच आए इस अचानक बदलाव से उमस का असर बढ़ गया है। हालांकि बादल छाने और आंधी चलने से तापमान में मामूली गिरावट की उम्मीद थी, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण शहरवासी फिलहाल उमस भरी गर्मी से परेशान हैं।
