ट्रंप टैरिफ से बीकानेर की ऊन मंडी पर संकट, बेरोजगारी का खतरा बढ़ा



बीकानेर, 30 अगस्त। बीकानेर की ऊन मंडी इन दिनों अमेरिकी टैरिफ (ट्रंप टैरिफ) के कारण मुश्किलों का सामना कर रही है। उद्योगपतियों का मानना है कि अगर यह स्थिति बनी रही, तो न केवल ऊन और कालीन व्यवसाय पर गहरा संकट आएगा, बल्कि हजारों कुशल श्रमिकों के लिए भी बेरोजगारी का खतरा बढ़ जाएगा।
टैरिफ से उद्योग पर मार
राजस्थान वूलन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल कल्ला ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ट्रंप टैरिफ से ऊन व्यवसाय और कालीन उद्योग पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि बीकानेर देश की सबसे बड़ी ऊन मंडी है और कालीन बनाने वाला अधिकांश धागा यहीं से आता है। इस संकट से यह व्यवसाय धीरे-धीरे खत्म हो सकता है।




ऊन व्यवसायी कन्हैयालाल बोथरा ने भी टैरिफ के कारण कालीन उद्योग के संकट में होने की बात कही। उन्होंने सरकार से मांग की कि उच्च गुणवत्ता की ऊन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नहर के किनारे हरित पट्टी विकसित करके भेड़ पालकों को दी जाए। उन्होंने ऊन इकाइयों को सब्सिडी देने की भी अपील की।


सरकार को सौंपा जाएगा ज्ञापन
कमल कल्ला ने आश्वासन दिया कि एसोसिएशन इस मुद्दे पर एक नई कार्ययोजना तैयार कर रही है। इस पर सदस्यों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद जल्द ही एक ज्ञापन केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड को सौंपा जाएगा। इस बैठक में कई प्रमुख उद्योगपति और व्यापारी मौजूद थे, और कार्यक्रम का संचालन जय सेठिया ने किया।