

- शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी एवं शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी के सान्निध्य में आध्यात्मिक चिंतन और जिज्ञासा समाधान
मुंबई, 31 अक्टूबर । तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (टीपीएफ), मुंबई सिटी की ओर से कालबादेवी स्थित महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में विशेष संबोध कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी शिष्याओं शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी एवं शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में संपन्न हुई।


व्यस्त व्यावसायिक एवं पारिवारिक जीवन के बीच आध्यात्मिक उन्नति को प्राथमिकता देते हुए टीपीएफ के सदस्य कार्यशाला में शामिल हुए। सदस्यों ने तत्वज्ञान, कर्म सिद्धांत और आध्यात्मिक चिंतन से जुड़े विषयों को समझा।



- आठ कर्मों एवं उनकी प्रकृतियों पर मार्गदर्शन
शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कर्मों का विश्लेषण करते हुए कहा कि जैन मान्यता के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुरूप फल प्राप्त होता है। उन्होंने समझाया कि व्यक्ति के कार्यों और उनके परिणामों का आधार उसके कर्म हैं, न कि भगवान द्वारा उनका संचालन। साध्वीश्रीजी ने आठ कर्मों एवं उनकी प्रकृतियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी ने टीपीएफ सदस्यों की आध्यात्मिक जिज्ञासा पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सदस्यों का अध्यात्म एवं तत्वज्ञान को सीखने और समझने के लिए उपस्थित होना आत्मीय आह्लाद का विषय है।
- जिज्ञासाओं का हुआ समाधान
कार्यशाला के दौरान जिज्ञासा समाधान का क्रम भी चला। सदस्यों ने विषय से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं प्रस्तुत कीं और साध्वीश्रीजी से उनका समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर टीपीएफ मुंबई सिटी के अध्यक्ष राकेश मेहता, सेक्रेटरी जिगर डांगी, निवर्तमान अध्यक्ष नीरज मोटावत, भूपेंद्रकुमार जैन, कल्पेश कोठारी एवं हिमांशु गुलेच्छा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यशाला का संयोजन एवं संपूर्ण व्यवस्थापन स्पिरिचुअल कन्वीनर पंकज चोपड़ा ने किया।

