

- 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा, 2024 के लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार, 31 अक्टूबर को विपक्ष की मॉक संसद में चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित सांकेतिक महाभियोग कार्यक्रम में उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से 13.3 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं। राहुल गांधी ने कहा, “वोट काटने वाले देश के अपराधी हैं।”


मतदाता सूची और चुनाव नतीजों पर सवाल
राहुल गांधी ने दावा किया कि हटाए गए नाम देश के कुल मतदाताओं के करीब 15 प्रतिशत हैं, यानी लगभग हर सात में से एक मतदाता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन लोगों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान किया था, तो अब उनके नाम हटाने का आधार क्या है?



उन्होंने चुनाव में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच मतों के अंतर को करीब तीन प्रतिशत बताते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के दावे से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने भाजपा सांसदों की जीत पर भी सवाल खड़े किए।
मतदाताओं की संख्या, नाम हटाने की वजह और चुनाव परिणामों से उसके संबंध को लेकर ये राहुल गांधी के दावे हैं; उपलब्ध सामग्री में इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।
‘बाकी संस्थागत रास्ते बंद कर दिए गए’
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास के बगीचे में बैठकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के लिए अन्य संस्थागत रास्ते बंद कर दिए गए हैं और इसी कारण यह सांकेतिक कार्यक्रम आयोजित करना पड़ा।
यह कार्यक्रम मॉक संसद के रूप में आयोजित हुआ था, न कि संसद की औपचारिक कार्यवाही के तौर पर।
फॉर्म-6 में बदलाव पर भी आरोप
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता नेहा बोरा ने फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बदलाव युवाओं को मतदान के अधिकार से वंचित कर सकते हैं। बोरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए तीखी टिप्पणी भी की। उपलब्ध सामग्री में फॉर्म-6 के कथित बदलावों का विस्तृत विवरण या इन आरोपों पर चुनाव आयोग और भाजपा की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है ।
मोदी-शाह भी हमेशा नहीं बचा पाएंगे’
राहुल गांधी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उन्हें बचा लेंगे, तो उन्हें देश के लोगों का मूड देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, वे इस बात को कभी नहीं भूलेंगे। राहुल ने आरोप लगाया कि यह केवल भ्रष्टाचार या किसी घोटाले का मामला नहीं, बल्कि देश की आत्मा पर हमला है। राहुल ने आगे कहा कि वोट काटने वाले देश के अपराधी है।
खरगे के आवास पर हुई मॉक पार्लियामेंट
यह कार्यक्रम शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। इसमें कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। इस कार्यक्रम को ‘जन महाभियोग’ नाम दिया गया है। इसमें आम लोगों और राजनीतिक दलों के माध्यम से संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव की गरिमा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और विपक्ष के पास जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
Mr. Gyanesh Kumar is not going to survive as the CEC of India. We have enough evidence to ensure that this gentleman does not continue in office.
If the BJP insists on retaining him even after we reveal what we know, then the BJP's game will be clear for everyone to see.
: LoP Shri @RahulGandhi at the Public Impeachment of CEC Gyanesh Kumar
📍 Delhi
— Congress (@INCIndia) October 31, 2026
संपादकीय नोट: यह समाचार उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित है। राजनीतिक आरोपों को संबंधित वक्ताओं के दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

