बीकानेर के सरकारी समाचार

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quicjZaps 15 sept 2025
  • पंचायत राज आम चुनाव: सेक्टर अधिकरियों का प्रशिक्षण आयोजित

बीकानेर, 9 अक्टूबर। पंचायत राज आम चुनाव-2026 के लिए नियुक्त सेक्टर अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के आडिटोरियम एवं रवींद्र रंगमंच पर आयोजित किया गया।

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इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) और कानून व्यवस्था प्रकोष्ठ प्रभारी श्रीमती रीना ने सभी अधिकारियों को अपने क्षेत्र में आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने तथा स्वतंत्र और निर्भीक चुनाव सम्पन्न करवाने के लिए अपने कार्य दायित्वों का निष्ठा से अनुपालना करने का आह्वान किया।

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भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ प्रभारी श्री मनु गर्ग ने एक साथ दो प्रकार के चुनाव होने के कारण प्रशिक्षण की प्रत्येक विधा से परिचित होने की आवश्यकता जताई। प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रभारी एवं कुलसचिव, राजस्थान पशु विज्ञान व पशु चिकित्सालय विश्वविद्यालय श्री पंकज शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि सेक्टर ऑफिसर्स मतदान दलों और प्रशासन के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और शांतिपूर्ण व व्यवस्थित मतदान के लिए उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। अतः प्रशिक्षण को पूर्ण सजगता और गंभीरता से ग्रहण किया जाना चाहिए।

सत्र में दक्ष मास्टर ट्रेनर्स द्वारा करीब चार सौ अधिकारियों को आचार संहिता, कानून व्यवस्था, वलनरेबल मैपिंग, मॉक पॉल, वास्तविक मतदान, ईवीएम व मतपेटी संचालन और सीलिंग सहित सभी प्रमुख बिंदुओं पर पावर प्वाइंट स्लाइड्स के माध्यम से गहन प्रशिक्षण दिया गया। अंत में ईवीएम मशीनों एवं मतपेटी पर हैंड्स ऑन सत्र का आयोजन हुआ।

उल्लेखनीय है कि बीकानेर जिले में चार चरणों में जिला परिषद/पंचायत समिति के सदस्यों और पंच सरपंच के लिए चुनाव होने हैं।

प्रशिक्षण जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स डॉ. एस एल राठी, डॉ. वाई बी माथुर, डॉ. विपिन सैनी, डॉ. शमींद्र सक्सेना, डॉ. राजाराम, श्री रवींद्र मनीठिया, श्री गणेश सदारंगानी के पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ।
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  • बेटियों ने जाना जनसंपर्क का हुनर, निभाया जनसंपर्क अधिकारी का दायित्व
  • अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस से पूर्व ड्रॉपआउट बालिकाओं को मिला सीखने और नेतृत्व करने का अवसर
  • सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और विभागीय कार्यप्रणाली से हुईं रूबरू

बीकानेर, 9 अक्टूबर। बेटियों को अवसर मिले, तो वे अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता से नई पहचान बना सकती हैं। इसी सोच के साथ प्लान इंडिया के साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को लूणकरणसर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कालू की ड्रॉपआउट बालिकाओं ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार की प्रक्रिया को समझा।

मनीषा को मिला जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका निभाने का अवसर
कार्यक्रम के दौरान बालिका मनीषा को सम्मान स्वरूप कुछ समय के लिए जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका निभाने का अवसर दिया गया। उन्होंने कार्मिकों के साथ बैठक कर योजनाओं के प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने के सुझाव दिए तथा मीडिया के माध्यम से अधिकाधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया।

सरकार और आमजन के बीच सेतु है जनसंपर्क विभाग
विभाग के उपनिदेशक डॉ. हरि शंकर आचार्य ने बताया कि जनसंपर्क विभाग समाचार पत्रों, टेलीविजन और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकारी योजनाओं, नीतियों और जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाता है। उन्होंने बालिकाओं को समाचार लेखन, समाचार पत्रों के पंजीयन, राजस्थान सुजस तथा कार्यालय की विभिन्न शाखाओं की जानकारी भी दी।

सहायक जनसंपर्क अधिकारी निकिता भाटी ने जिला प्रशासन की वेबसाइट और इंस्टाग्राम, एक्स एवं फेसबुक जैसे सोशल मीडिया माध्यमों की उपयोगिता बताई।

इस अवसर पर प्लान इंडिया के परियोजना समन्वयक ज्ञानेंद्र श्रीमाली, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह, वरिष्ठ सहायक परम नाथ सिद्ध, कनिष्ठ सहायक राकेश डुकिया, शिक्षिका हुल्लास नायक सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।
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  • हदां में चिकित्सा शिविर एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
  • आयुष मित्र-आयुष सखी प्रशिक्षण के साथ 18 स्वास्थ्य सूचकांकों पर विशेष जोर

बीकानेर,9 अक्टूबर। आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं राजकीय आयुर्वेद औषधालय, हदां के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हदां में शुक्रवार को “स्वास्थ्य भविष्य के लिए आयुर्वेद” थीम के अंतर्गत चिकित्सा शिविर एवं व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुर्गा प्रसाद मौर्य के निर्देशन में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के सभी 18 स्वास्थ्य सूचकांकों पर विशेष जोर देते हुए विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को स्वस्थ, स्वच्छ और निरोगी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रकृति परीक्षण, महिलाओं एवं किशोरियों में रक्ताल्पता की जांच एवं उपचार तथा उच्च रक्तचाप और मधुमेह की स्क्रीनिंग के महत्व पर जानकारी दी गई। साथ ही, तंबाकू मुक्त, नशामुक्त एवं टीबी मुक्त ग्राम की परिकल्पना को साकार करने के लिए जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्रामीणों को औषधीय पौधों के उपयोग एवं महत्व, व्यक्तिगत और सामुदायिक स्वच्छता, मौसमी बीमारियों से बचाव, ऋतुचर्या, सामान्य बीमारियों में घरेलू उपचार तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।

  • आयुष मित्र एवं आयुष सखी प्रशिक्षण रहा प्रमुख आकर्षण

डॉ मोर्य ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित आयुष मित्र एवं आयुष सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता विकसित करने तथा समुदाय को निवारक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर बल दिया गया।

शिविर में विद्यालय की किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. दुर्गा प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें नर्स किरण रैगर, विद्यालय के प्रधानाचार्य जेठाराम, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा ग्रामीण जनों ने सहभागिता निभाई।
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  • जयपुर प्रवासी सम्मेलन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

बीकानेर, 9 अक्टूबर। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र द्वारा जिला प्रवासी प्रकोष्ठ के प्रभावी संचालन एवं 10 दिसंबर 2026 को जयपुर में आयोजित होने वाले प्रवासी सम्मेलन की तैयारियों हेतु अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) उम्मेदसिंह रतनू की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रवासियों से जुड़े विषयों पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अण्टार्कटिका, घाना, गुजरात, दिल्ली और ओडिशा सहित देश-विदेश के प्रवासी राजस्थानी जुड़े।

बैठक में प्रवासी सुभाष चंद्र भूरा ने नोखा क्षेत्र में बालिका हॉस्टल व 5 फुटबॉल मैदान निर्माण की जानकारी दी। वहीं घाना से श्रीमती सुनिता कनिका राजपुरोहित ने सांस्कृतिक आयोजनों तथा अण्टार्कटिका से कम्यूनिकेशन ऑफिसर हनी ओ जाडिया ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा ने प्रवासियों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
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  • पंचायत राज आम चुनाव 2026 : प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशाला शनिवार को

बीकानेर, 9 अक्टूबर। पंचायती राज आम चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए शनिवार को प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशाला का आयोजन सायं 4 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में किया जाएगा।

उप जिला निर्वाचन उम्मेद सिंह रतनू ने बताया कि कार्यशाला में नामांकन भरने की प्रक्रिया और निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने सभी रिटर्निंग अधिकारियों को इस कार्यशाला का आयोजन करने के निर्देश दिए है।

कार्यशाला में रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी तथा डीएलएमटी/बीएलएमटी द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के संभावित प्रत्याशियों को नामांकन भरने तथा चुनाव संबंधी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करवाना है। कार्यशाला में मीडिया एवं सोशल मीडिया प्रतिनिधियों की भागीदारी भी रहेगी।
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  • खरीफ में मांग से अधिक उर्वरकों की आपूर्ति, रबी सीजन में भी किसानों को मांग के अनुरूप मिलेगा डीएपी और यूरिया — कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल

 

जयपुर, 9 अक्टूबर। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

खरीफ सीजन-2026 में राज्य सरकार ने डीएपी एवं यूरिया की मांग से अधिक आपूर्ति कर किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराए हैं। रबी सीजन में भी किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र सरकार से भी उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति जारी है।

  • खरीफ में मांग से अधिक उपलब्ध कराया डीएपी और यूरिया

कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन-2026 में डीएपी की 5 लाख 10 हजार मीट्रिक टन मांग के विरुद्ध 5 लाख 44 हजार 995 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार यूरिया की 11 लाख मीट्रिक टन मांग के मुकाबले 17 लाख 15 हजार 814 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया। इससे स्पष्ट है कि खरीफ सीजन में दोनों प्रमुख उर्वरकों की मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

डॉ. मीणा ने बताया कि रबी सीजन में बुवाई अभी प्रारंभिक अवस्था में है। वर्तमान में प्रदेश में 1 लाख 5 हजार 584 मीट्रिक टन डीएपी तथा 3 लाख 63 हजार 969 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त डीएपी के 14 रैक, जिनमें लगभग 35 हजार मीट्रिक टन उर्वरक है, परिवहन के दौरान हैं। इनके 14 अक्टूबर, 2026 तक किसानों के लिए उपलब्ध होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान साप्ताहिक खपत के आधार पर प्रदेश में लगभग 18 दिन के लिए डीएपी तथा 35 दिन के लिए यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। केंद्र सरकार से लगातार आपूर्ति होने के कारण रबी सीजन में भी उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

  • कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध डायवर्जन पर सख्त कार्रवाई

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग द्वारा समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर जमाखोरी, कालाबाजारी, यूरिया के अवैध डायवर्जन, टैगिंग तथा अन्य अनियमितताओं में लिप्त विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में अब तक विभाग द्वारा 11,770 उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया तथा 9,585 नमूने लिए गए। अनियमितताएं पाए जाने पर 1,238 फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अतिरिक्त 64 उर्वरक विक्रेताओं के विक्रय पर रोक लगाई गई, 128 फर्मों के उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित अथवा निरस्त किए गए तथा 25 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। इस दौरान 11 गिरफ्तारियां भी की गई हैं।

  • गुणवत्ता नियंत्रण के लिए औचक निरीक्षण, सभी जिलों में कंट्रोल रूम

कृषि मंत्री ने बताया कि उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विभाग द्वारा विशेष गुण नियंत्रण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण एवं आपूर्ति की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक मिल सकें।

डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की खरीद के लिए किसानों पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है। किसान अपनी इच्छा और आवश्यकता के अनुसार इन उत्पादों को खरीदने एवं उपयोग करने का निर्णय ले सकते हैं। सरकार उपलब्ध परिणामों को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है।

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  • सात राज्यों के 80 पशुपालकों ने सीखे भेड़ बकरी पालन के वैज्ञानिक तरीके
  • उद्यमिता विकास पर भी दिया गया प्रशिक्षण

बीकानेर, 9 अक्टूबर। एसकेआरएयू के कृषि महाविद्यालय में सात विभिन्न राज्यों से आए 80 प्रगतिशील किसानो तथा पशुपालकों ने “वैज्ञानिक भेड़ एवं बकरी पालन के माध्यम से उद्यमिता विकास” के तरीकों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भेड़ एवं बकरी पालन की वैज्ञानिक तकनीकों पर आधारित सैद्धांतिक व्याख्यानों के साथ-साथ प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। पशुपालकों की व्यावहारिक दक्षता , स्वरोजगार एवं उद्यमिता कौशल बढ़ाने के लिए संवाद व तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

शुक्रवार को आयोजित समापन समारोह में पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. कुलदीप चौधरी ने राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों के हित में संचालित विभिन्न पशुधन विकास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पशुपालकों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया

प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. शंकर लाल ने बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण में पशुओं की नस्ल पहचान, वैज्ञानिक प्रजनन, पोषण, आवास प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण तथा व्यावसायिक पशुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI) के भेड़ फार्मों, राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (RAJUVAS) के सिरोही बकरी फार्म तथा पशुधन अनुसंधान केंद्र, बीछवाल का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया।।
डॉ. सुनील कुमार ने पशुपालकों को पशुधन उत्पादों में मूल्य संवर्धन, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार तथा किसान उत्पादक संगठन (FPO) के गठन के माध्यम से सामूहिक रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से पशुपालक अपने उत्पादों के बेहतर विपणन, आय में वृद्धि तथा उद्यमिता विकास की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
डॉ. कुलदीप शिंदे ने आभार व्यक्त किया।प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।

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