राजस्थान में शिक्षकों की पदोन्नति और स्थानांतरण की प्रक्रिया होगी तेज



बीकानेर, 30 अगस्त। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में शासन सचिव (शिक्षा) कृष्ण कुणाल से मुलाकात की। इस बैठक में शिक्षकों की विभिन्न मांगों पर सकारात्मक बातचीत हुई, जिससे कई लंबित मुद्दों का जल्द समाधान होने की उम्मीद है।
प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति
पदोन्नति: बैठक में शासन सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, व्याख्याता और द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति सितंबर माह में पूरी करने का आश्वासन दिया। तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति पर माननीय उच्चतम न्यायालय में सितंबर में होने वाली सुनवाई के बाद तेजी से काम किया जाएगा। सभी संवर्गों की रिव्यू डीपीसी (Departmental Promotion Committee) के बाद नियमित डीपीसी भी की जाएगी।




स्थानांतरण: सभी संवर्गों के स्थानांतरण शीघ्र किए जाएंगे, जिसके बाद एक स्पष्ट और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू की जाएगी, जिस पर शिक्षक संघ ने सहमति जताई।


संविदा शिक्षकों का नियमितीकरण: करीब 35,000 संविदा शिक्षकों को जल्द से जल्द नियमित करने पर भी सहमति बनी है।
गैर-शैक्षणिक कार्य: शिक्षकों से बीएलओ (Booth Level Officer), पोषाहार और बार-बार डाक मांगने जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों को धीरे-धीरे कम करने का प्रयास किया जाएगा।
विद्यालय भवन निर्माण: प्रदेश में जर्जर विद्यालयों के गिरने की घटनाओं को देखते हुए, शिक्षक संघ ने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अगले दो वर्षों में पंचायतों को केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली कुल राशि का एक वर्ष का हिस्सा विद्यालय भवन निर्माण पर खर्च किया जाए।
टीएसपी से नॉन-टीएसपी स्थानांतरण: पिछली सरकार में टीएसपी (Tribal Sub-Plan) से नॉन-टीएसपी क्षेत्र में आए 1900 शिक्षकों को उनके गृह जिलों में भेजने की मांग पर शासन सचिव ने विचार करने का आश्वासन दिया।
अन्य महत्वपूर्ण माँगें
- एनटीटी शिक्षकों की पदोन्नति के लिए सुझाव पर सहमति।
- महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में सितंबर माह में नॉन-टीचिंग और टीचिंग स्टाफ का काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापन।
- 2022 की शिक्षक भर्ती में बाहर हुए शिक्षकों के लिए छाया पद (Shadow Posts) स्वीकृत करना।
- स्टाफिंग पैटर्न 15 सितंबर तक पूरा करना।
- शारीरिक शिक्षकों की पदोन्नति के लिए सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में द्वितीय श्रेणी का पद स्वीकृत करना।
- प्रयोगशाला सहायकों को बीएड करने की अनुमति देना।
- 2005 से 2010 के बीच लगे तृतीय श्रेणी शिक्षकों और प्रबंधकों की वेतन विसंगति दूर करना।
- कंप्यूटर अनुदेशक का पदनाम परिवर्तित करना।
- सभी 19,000 विद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्ष के पद स्वीकृत करना।
- एसीपी/एमएसीपी और विभागीय जांच के मामलों का कैंप लगाकर शीघ्र निपटान।
- कम परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षकों को लगातार तीन वर्षों तक परिणाम कम रहने पर ही दंडित करना।
- पूर्व सरकार द्वारा बिना वित्तीय स्वीकृति के खोले गए 6000 विद्यालयों में पद सृजित कराना।
वार्ता में संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, महामंत्री महेंद्र लखारा, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश बिश्नोई सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।