कन्हैयालाल बोथरा सर्वसम्मति से जैन महासभा, बीकानेर के अध्यक्ष निर्वाचित
कन्हैयालाल बोथरा सर्वसम्मति से जैन महासभा, बीकानेर के अध्यक्ष निर्वाचित


बीकानेर, 14 दिसंबर। जैन महासभा, बीकानेर के 2025-2027 कार्यकाल के लिए हुए चुनाव में कन्हैयालाल बोथरा को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया गया है। निवर्तमान अध्यक्ष विनोद बाफना ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।


निवर्तमान कार्यकारिणी का अभिनंदन
इससे पूर्व, सदन ने निवर्तमान अध्यक्ष विनोद बाफना को कार्यकाल सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए बधाई दी। कोषाध्यक्ष जसकरण छाजेड़ ने महासभा के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। महामंत्री मेघराज बोथरा ने कार्यवाही पढ़कर सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया।


दीर्घकालिक अनुभव का लाभ
कन्हैयालाल बोथरा जैन महासभा के गठन के समय से ही संस्था से जुड़े हुए हैं और इसके कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाते रहे हैं। अध्यक्ष पद स्वीकार करते हुए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया और महासभा को नई ऊँचाईयाँ प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई। उनके भतीजे मेघराज बोथरा ने हाल ही में संस्था में महामंत्री का दायित्व निभाया है।
बैठक में उपस्थित जैन महासभा के पूर्व अध्यक्ष विजय कोचर, जयचंद लाल डागा, जैन लूणकरण छाजेड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेन्द्र जैन, अधिवक्ता महेन्द्र जैन, दिलीप कातेला, और जतनलाल संचेती सहित अनेक गणमान्य सदस्यों ने कन्हैयालाल बोथरा को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल के लिए मंगल कामना की।
औद्योगिक और सामाजिक क्षेत्र में व्यापक पहचान
कन्हैयालाल बोथरा का सार्वजनिक जीवन में लंबा और सफल अनुभव रहा है।
औद्योगिक नेतृत्व: उन्होंने 1980 से 2008 तक जिला उद्योग संघ, बीकानेर के अध्यक्ष पद को सुशोभित किया और दो वर्षों तक बीकानेर वूल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे।
नगरपालिका और सामाजिक कार्य: वह 1974-1978 तक गंगाशहर नगरपालिका के पार्षद रहे। इसके अलावा, उन्होंने अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के उपाध्यक्ष, जैन जवाहर विद्यापीठ के महासचिव और रोटरी क्लब, बीकानेर के 4 बार अध्यक्ष का दायित्व भी संभाला है।
योगदान: बोथरा को उद्योगश्री सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने मिमझर जैसी साहित्यिक संस्था की स्थापना भी की।कन्हैयालाल बोथरा ने बीकानेर के औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रदेश की पहली एचडीपीई वूलन बैग्स की फैक्ट्री बीकानेर में खोली। वह बीकानेर के पहले वूलन मिल के मालिक हैं, जिन्हें भारत सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर वूलन बोर्ड का मेम्बर नियुक्त किया था।
