बीकानेर, नोखा के तेरापंथ भवन में गूंजे बीज मंत्र, साध्वी राजीमती ने दिया ‘संयम और विकास’ का संदेश


नोखा, 1 जनवरी । नए साल 2026 के प्रथम दिन नोखा स्थित तेरापंथ भवन में भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। कड़ाके की ठंड के बावजूद शासन गौरव साध्वी राजीमती के सानिध्य में आयोजित नव वर्ष के विशेष मंगल पाठ में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम के दौरान साध्वी श्री ने उपस्थित जनसमूह को विशिष्ट बीज मंत्रों का जाप करवाते हुए जीवन में संयम और आध्यात्मिक विकास का मार्ग दिखाया।


साध्वी राजीमती ने अपने पाथेय में समय की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीतते समय के साथ मनुष्य को आत्म-चिंतन (सिंहावलोकन) करना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि व्यक्ति को अपने जीवन में केवल भौतिक प्रगति ही नहीं, बल्कि अध्यात्म और संयम साधना के लिए भी समय नियोजित करना चाहिए। उन्होंने स्वस्थ चिंतन और स्वस्थ तन की अनुप्रेक्षा करते हुए कषायों (क्रोध, मान, माया, लोभ) के त्याग पर जोर दिया ताकि परिवार और समाज में प्रेम की अविरल धारा बह सके।


भक्तिमय माहौल में स्तोत्र गान और कैलेंडर विमोचन
कार्यक्रम में साध्वी प्रभात जी ने सामूहिक लोगस्स और उपसर्गहर स्तोत्र का जाप करवाया, जिससे पूरा हॉल सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। कवि इंद्रचंद बैद ने जानकारी दी कि भीषण ठंड के बाद भी तेरापंथ भवन का हॉल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और लोगों ने तन्मयता के साथ मंगल भावना में भाग लिया। इस अवसर पर तेरापंथ युवक परिषद (तेयुप) नोखा द्वारा नव वर्ष के कैलेंडर का विमोचन किया गया और इसकी प्रथम प्रति साध्वी श्री को भेंट की गई।
4 जनवरी को होगा ‘अभिनव सामायिक’ का वृहद आयोजन
विमोचन कार्यक्रम में तेयुप अध्यक्ष निर्मल चोपड़ा, उपाध्यक्ष पुलकित ललवानी, सभा मंत्री मनोज घीया, महिला मंडल अध्यक्ष प्रीति मरोठी सहित नगर पालिका उपाध्यक्ष निर्मल भूरा और जोरावरपुरा सभा अध्यक्ष बाबूलाल बुच्चा जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे। तेयुप अध्यक्ष निर्मल चोपड़ा ने आगामी 4 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले ‘अभिनव सामायिक’ के विशाल कार्यक्रम की घोषणा करते हुए सभी से इसमें सहभागिता निभाने की अपील की।
रामपुरिया मोहल्ला स्थित तुलसी साधना केंद्र में नववर्ष पर हुआ मंगलपाठ, साध्वीवृंदों ने वर्तमान में जीने और कर्मजा शक्ति का दिया संदेश
बीकानेर, 1 जनवरी । रामपुरिया मोहल्ला स्थित तुलसी साधना केंद्र में विराजित आचार्यश्री महाश्रमणजी की सुशिष्या शासनश्री साध्वी मंजूप्रभाजी एवं साध्वी कुंथुश्रीजी के सान्निध्य में नववर्ष पर वृहद मंगलपाठ का आयोजन किया गया। शासनश्री साध्वी कुंथुश्रीजी ने परिषद् को उद्बोधित करते हुए कहा कि नये वर्ष में नए सोपान और कीर्तिमान नई ऊर्जा का प्रवाह करते हैं। उ_िए णो पमायए-अर्थात उठो! प्रमाद मत करो-यह जागने का समय है। यह आगम सूत्र जागरूकता व पुरुषार्थ का संदेश देता है। वह व्यक्ति धन्य होता है जो जागता है। जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है शांति-समता। नये वर्ष का स्वागत प्रसन्नता व आनन्दमय जीवन के हर क्षण को जीते हुए करे। स्वागत करे उजालों का। अपनी कर्मजा शाक्ति, मौलिक चितन, सही सोच के साथ नए वर्ष को सफल बनाएं। वर्तमान में जीएं। यही नए वर्ष का सच्चा स्वागत है। साध्वीवृन्द ने भक्तामर, पैंसठिया छन्द, गौतम गणधर स्तुति आदि विविध मंत्रों के उच्चारण से वृहद मंगलपाठ सुनाया। कार्यक्रम में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष गणेशमल बोथरा, इंदरचंद सेठिया, बसंत नौलखा बीकानेर महिला मंडल मंत्री रेणु बोथरा आदि अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।








