बीकानेर परिवहन कार्यालय में कामकाज ठप
बीकानेर परिवहन कार्यालय में कामकाज ठप


ऑडिट के फेर में बंद रहीं खिड़कियां, वाहन स्वामी परेशान


बीकानेर, 9 जनवरी। बीकानेर के बीछवाल स्थित जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में पिछले तीन दिनों से आम जनता से जुड़ी महत्वपूर्ण शाखाओं की खिड़कियां बंद रहने से हाहाकार मचा हुआ है। वाहन रजिस्ट्रेशन से लेकर टैक्स जमा करने तक के सभी मुख्य कार्य पूरी तरह बाधित हो गए हैं, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले वाहन स्वामियों को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवहन विभाग के लगभग सभी अधिकारी और कार्मिक वर्तमान में ‘थ्री डिजिट’ और ‘विंटेज नंबरों’ की जांच संबंधी विशेष ऑडिट कार्य में व्यस्त हैं। इस आंतरिक प्रशासनिक कार्य की वजह से आम जनता की सुनवाई के लिए कोई भी खिड़की नहीं खोली जा रही है। हैरानी की बात यह है कि एक ओर प्रदेश भर में ‘सड़क सुरक्षा माह’ मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विभाग की इस अव्यवस्था के कारण वाहन स्वामी अपने कागजात पूरे नहीं करवा पा रहे हैं, जिससे उन्हें सड़कों पर भारी चालान का भय सता रहा है।
इन कार्यों पर लगा ‘ब्रेक’, वाहन स्वामी लौट रहे बेरंग
परिवहन कार्यालय की कर शाखा (Tax Section), चालान शाखा और रजिस्ट्रेशन शाखा पूरी तरह बंद रहने से निम्नलिखित कार्यों पर सीधा असर पड़ा है:
- वाहन पंजीकरण: नए वाहनों और अन्य राज्यों से लाए गए वाहनों का पंजीयन ठप।
- स्वामित्व हस्तांतरण: वाहन ट्रांसफर (RC Transfer) के आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं।
- लोन संबंधी कार्य: बैंक लोन चढ़वाने (Hypothecation) या कैंसिल करवाने की प्रक्रिया बंद।
- प्रमाण पत्र: टैक्स क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (TCC) और फिटनेस संबंधी फाइलें अटकीं।
परेशान वाहन चालकों का कहना है कि वे काम छोड़कर सुबह से लाइन में लगते हैं, लेकिन खिड़कियों पर ताले लटके मिलते हैं। शुक्रवार को केवल परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस शाखा में ही कुछ कार्य हुआ, बाकी पूरी बिल्डिंग में सन्नाटा पसरा रहा।
अधिवक्ताओं ने जताया रोष; शनिवार-रविवार अवकाश से बढ़ेगी मुश्किल
इस अव्यवस्था को लेकर विधिक समुदाय ने भी कड़ा ऐतराज जताया है। एडवोकेट हनुमान प्रसाद शर्मा, बनवारी लाल, हेमंत जैन और कैलाश सियाग ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि ऑडिट कार्य के लिए जनता के काम रोकना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार को सरकारी अवकाश होने के कारण अब वाहन स्वामियों का इंतजार और लंबा हो जाएगा, जिससे छोटे टैक्सी चालकों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
