बीकानेर कैमल फेस्टिवल, रेगिस्तान के जहाज ने दिखाए हैरतअंगेज करतब, ऊंटों पर उकेरी गई उस्ता कला

बीकानेर कैमल फेस्टिवल
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बीकानेर, 10 जनवरीअंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दूसरे दिन शनिवार को बीकानेर के रेतीले धोरों पर ‘रेगिस्तान के जहाज’ का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की थाप और घुंघरूओं की झंकार के बीच सजे-धजे ऊंटों ने अपनी बुद्धिमानी और कलाबाजी से वहां मौजूद पर्यटकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। कैमल रिसर्च सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में एक ऊंट ने अपने मालिक की गर्दन को मुंह से पकड़कर और मालिक के सीने पर पैर रखकर ऐसे हैरतअंगेज स्टंट दिखाए कि पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

उत्सव के दौरान आकर्षण का केंद्र रहा वह ऊंट, जिसने न केवल एक के ऊपर एक रखे पलंगों पर लेटकर स्टंट दिखाए, बल्कि अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए जमीन पर रखी पानी की बाल्टी और चाय की केतली को मुंह से उठाकर अपने मालिक को थमाया। कार्यक्रम के अंत में ऊंट ने एक माला उठाकर वहां मौजूद एक विदेशी पर्यटक को पहनाई, जिसने राजस्थान की मेहमाननवाजी का एक अनूठा उदाहरण पेश किया। ऊंट पालक महावीर के अनुसार, इन पशुओं को रस्सी के सूक्ष्म इशारों पर नाचने और करतब दिखाने के लिए महीनों की कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है।

pop ronak

रेगिस्तानी धोरों पर केवल शारीरिक कलाबाजी ही नहीं, बल्कि ऊंटों के शरीर पर उकेरी गई कला भी चर्चा का विषय रही। गढ़सीसर से आए ऊंट मालिक अरमान ने अपने ऊंट की खाल पर फर कटिंग के जरिए महाराजा गंगा सिंह, ऐतिहासिक जूनागढ़ किला और मां करणी की सुंदर आकृतियां बनाईं। ‘उस्ता कला’ के इस बेजोड़ नमूने को तैयार करने में उन्हें करीब 25 दिन का समय लगा। गौरतलब है कि ऊंटों पर इस तरह की फर कटिंग की परंपरा साल 1995 से इस फेस्टिवल का हिस्सा बनी हुई है।

पलंग पर सोए ऊंट पर मालिक ने दिखाया स्टंट
कार्यक्रम के दौरान एक के ऊपर एक बिछाए गए पलंग पर ऊंट को लेटाया गया। इसके बाद ऊंट मालिक ने ऊंट की पीठ पर अलग-अलग तरह के स्टंट दिखाए। ढोल-बाजे के साथ ऊंट लगातार मैदान में घूमकर डांस करने लगा।

तीन दिवसीय इस उत्सव का समापन रविवार को रायसर के धोरों पर होगा। समापन दिवस पर ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताएं, एडवेंचर एक्टिविटी और प्रसिद्ध ‘फायर डांस’ (अग्नि नृत्य) आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे। इससे पहले फेस्टिवल के पहले दिन हेरिटेज वॉक के साथ मिस्टर बीकाणा और मिस मरवण जैसी प्रतियोगिताओं ने शहर में सांस्कृतिक रंग जमाया था।

ऊंट उत्सव: दूसरे दिन योग साधकों ने किया योग, घने कोहरे और ठंड के बावजूद डटे रहे योग साधक

बीकानेर, 10 जनवरी। अंतर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दूसरे दिन शनिवार के कार्यक्रमों की शुरुआत ‘करें योग, रहे निरोग’ कार्यक्रम के साथ हुई। संसोलाव तालाब के पास स्थित पीपल पार्क में घने कोहरे और ठंड के बावजूद सैकड़ो योग साधकों ने योग क्रियाएं की तथा बीकानेर की संस्कृति, सभ्यता और यहां की परंपराओं को समृद्ध करने का संदेश दिया।
जिला प्रशासन तथा पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय ऊंट उत्सव के दूसरे दिन पहली बार यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें प्रवीर योगासन स्पोर्ट्स अकैडमी, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के योग विभाग, एलएम स्पोर्ट्स अकैडमी, एमएम ग्राउंड क्रिकेट अकादमी तथा कपिल क्रीड़ाश्रम के प्रतिनिधियों तथा शारीरिक शिक्षकों सहित स्थानीय योग साधकों ने भाग लिया।
योग प्रशिक्षण भुवनेश पुरोहित के नेतृत्व में यशोवर्धिनी आचार्य, स्नेहा व्यास, सपना बेरवाल और प्रियंका रघुवंशी ने प्रोटोकॉल के अनुसार प्रशिक्षण दिया तथा योग से जुड़ी जानकारी दी।
पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक महेश व्यास ने कहा कि नियमित योग और प्राणायाम के माध्यम से शरीर और मन स्वस्थ रहता है। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार महोत्सव में कई नवाचार किए जा रहे हैं।
सहायक पर्यटन अधिकारी नेहा शेखावत, जिला खेल अधिकारी सुरेंद्र हर्ष, रामेंद्र हर्ष, रामकुमार पुरोहित, शिवाजी छंगाणी, मदन मोहन छंगाणी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

ऊंट उत्सव के दौरान वितरित किया योजनाओं से जुड़ा साहित्य
बीकानेर, 10 जनवरी। अंतर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दूसरे दिन शनिवार को राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित साहित्य का वितरण किया गया। विभाग के उप निदेशक हरि शंकर आचार्य ने बताया कि विभाग की स्टाल में लगातार दूसरे दिन साहित्य वितरित किया गया। इस दौरान स्थानीय और विभिन्न स्थानों से आए पर्यटकों को राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। जनसंपर्क अधिकारी सुरेश बिश्नोई के नेत्तृत्व में युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत करवाया गया। इस दौरान अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह और कनिष्ठ सहायक हेमराज मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि जनसंपर्क कार्यालय द्वारा योजनाओं के प्रचार प्रसार का अभियान नियमित रूप से चलाया जा रहा है।

ऊंट नृत्य और ऊंट दौड़ प्रतियोगिता रही आकर्षण का मुख्य केंद्र

राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में देसी विदेशी सैलानी पहुंचे। राजस्थानी लोक धुन पर ऊंटों ने ऊंची छलांगे, तो कभी नृत्य कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। पारंपरिक ऊंट सज्जा फर कटिंग की कलाओं को भी सैलानियों ने खूब सराहा।

ऊंटों के साथ सेल्फी खिंचवाते दिखे सैलानी
परिसर में हर तरफ सजे धजे ऊंटों की चमक हर किसी को बरबस ही अपनी और खींच रही थी। यहां पहुंचे लोग ऊंटों की सवारी करने के साथ-साथ सेल्फी लेते भी नजर आए।

ऊंट उत्पादों के स्टॉल्स पर रही भीड़
एनआरसीसी की ओर से ऊंट के दूध से बने विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी और ऊंट के चमड़े से बने उत्पादों की स्टॉल्स भी सैलानियों के आकर्षण का विशेष केंद्र रही। देसी विदेशी पर्यटक ऊंट के दूध से बनी आइसक्रीम इत्यादि का आनंद लेते नजर आए। कार्यक्रम में मंच संचालन श्री संजय पुरोहित और श्री किशोर सिंह राजपुरोहित ने किया।

ये बने विजेता
1 ऊंट दौड़- प्रथम स्थान पर मदनलाल, दूसरे स्थान पर मोहदीन और तीसरे स्थान पर करणाराम
2 ऊंट नृत्य- प्रथम स्थान पर विजेन्द्र सिंह, दूसरे स्थान पर नंद कुमार
3 ऊंट श्रृंगार- प्रथम स्थान पर इमरान, दूसरे स्थान पर महम्मूद और तीसरे स्थान पर मगाराम का ऊंट रहा।
4 ऊंट बाल कतराई- प्रथम स्थान पर रामलाल, दूसरे पर दनलीया और तीसरे स्थान पर श्रवणराम।

पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक श्री अनिल राठौड़ ने बताया कि इन चारों प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान पर रहने वाले विजेताओं को 21 हजार, द्वितीय को 15 हजार, और तृतीय स्थान पर रहने वाले विजेताओं को 11 हजार का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस दौरान निगम पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़, सहायक निदेशक महेश व्यास, जिला पर्यटन अधिकारी पवन शर्मा, सहायक पर्यटन अधिकारी श्रीमती नेहा शेखावत, योगेश राय सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में विदेशी और देशी सैलानियों ने शिरकत की।

sesumo school
sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *