माहेश्वरी समाज का महापड़ाव को पूर्ण समर्थन, कहा— ‘चांदी के सिक्के देकर खरीदी भूमि पर कब्जा नहीं होने देंगे
माहेश्वरी समाज का महापड़ाव को पूर्ण समर्थन


- ‘गोचर बचाओ’ आंदोलन बना राष्ट्रीय मुद्दा, 27 जनवरी 2026 को जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रस्तावित ‘महापड़ाव’
बीकानेर, 21 जनवरी। बीकानेर की जीवनरेखा मानी जाने वाली गोचर और ओरण भूमि के संरक्षण का मुद्दा अब एक विराट जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। 27 जनवरी 2026 को जिला कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रस्तावित ‘महापड़ाव’ को बीकानेर के प्रतिष्ठित माहेश्वरी समाज ने अपना खुला समर्थन घोषित कर दिया है। जस्सूसर गेट स्थित जसवंत मोहता भवन में आयोजित बैठक में समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी कि गोचर भूमि के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


देशभर के संतों ने फूंका आंदोलन का शंखनाद
वर्चुअल माध्यम से जुड़े देश के प्रख्यात संतों ने इस मुहिम को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज, महामंडलेश्वर ईश्वरदासजी महाराज और जगत्गुरु रामानंदाचार्य वैदेही वल्लभ देवाचार्यजी सहित अनेक संतों ने संदेश दिया कि गोचर का संरक्षण केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की रक्षा है। संतों ने 27 जनवरी के अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बताया।


‘हमारे पास हैं ताम्रपत्र और ऐतिहासिक दस्तावेज’
माहेश्वरी सभा (शहर) के अध्यक्ष अनिल झूमर सोनी ने सभा को संबोधित करते हुए एक बड़ा ऐतिहासिक तथ्य रखा। उन्होंने बताया कि लगभग 40 हजार बीघा गोचर भूमि माहेश्वरी समाज के पूर्वजों ने राजा-महाराजाओं के समय चाँदी के सिक्के देकर खरीदी थी। सोनी ने कहा, “हमारे पास इन जमीनों के ऐतिहासिक दस्तावेज और ताम्रपत्र आज भी सुरक्षित हैं। पूर्वजों की इस धरोहर और गौमाता के चरने की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या कब्जा हम नहीं होने देंगे।”
भरोसा नहीं, ठोस कार्यवाही की मांग
राष्ट्रीय संत सरजूदासजी महाराज ने बैठक में बताया कि मामला मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंच चुका है। यद्यपि मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को गोचर को उसके मूल स्वरूप में रखने का आश्वासन दिया है, लेकिन गौसेवकों का कहना है कि अब उन्हें कोरे आश्वासनों पर नहीं, बल्कि सरकार की ठोस कानूनी कार्यवाही पर भरोसा है। इसी मांग को लेकर 27 जनवरी को अनिश्चितकालीन धरना और महापड़ाव शुरू किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व
महासभा कार्यसमिति सदस्य महेश दम्मानी, पूर्व अध्यक्ष गोपीकिशन पेड़ीवाल, बालकिशन राठी, मूलचंद राठी और नवीन बिहानी सहित समाज के कई गणमान्य लोगों ने संकल्प लिया कि वे तन-मन-धन से इस आंदोलन के साथ हैं। आंदोलन से जुड़े दुर्गा सिंह शेखावत, मनोज सेवग और नवदीप बीकानेरी ने अब तक की गतिविधियों और भविष्य की रणनीति से समाज को अवगत करवाया।
