योगीराज शांति गुरुदेव के जन्मोत्सव पर श्रद्धा का ज्वार; दादाबाड़ी में भक्ति संगीत और अंगी रचना ने मोहा मन
योगीराज शांति गुरुदेव के जन्मोत्सव पर श्रद्धा का ज्वार


बीकानेर, 23 जनवरी। आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र गोगागेट सर्किल स्थित कोचरों की दादाबाड़ी में शुक्रवार को ‘योगीराज शांति गुरुदेव’ का जन्मोत्सव अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। श्री शांति गुरु भक्त मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में सुबह से लेकर देर रात तक भक्ति, आराधना और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला।


राग और तर्जों में गूंजी गुरुदेव की महिमा


जन्मोत्सव का शुभारंभ सुबह 7:00 बजे पक्षाल और अष्ट प्रकार की पूजा के साथ हुआ। पूजा के दौरान विचक्षण महिला मंडल, श्रीमती वसु सिंघवी, पप्पूजी बांठिया और अभय बांठिया ने विभिन्न शास्त्रीय रागों और सुमधुर तर्जों में गुरुदेव की स्तुतियां व भजन प्रस्तुत किए। भजनों की स्वर लहरियों के बीच गुरुदेव की प्रतिमा पर मनमोहक अंगी रचना की गई, जो भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। पूरा दादाबाड़ी परिसर विशेष फूलों और झिलमिलाती रोशनी से सजाया गया, जिससे माहौल दिव्य नजर आया।
सेवा और समर्पण की टीम
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में राजा बाबू बांठिया, निरंजन कोचर, उत्तम, प्रवीण, माणक कोचर, प्रियंकर कोचर, विमल सेठिया और संदीप मुसरफ की टीम ने दिन-रात लगन से कार्य किया। साथ ही, जिनेश्वर युवक मंडल के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने और श्रद्धालुओं की सेवा में सक्रिय भागीदारी निभाई। भक्ति संध्या के पश्चात बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
मिनी मांडोली में सरस्वती और गुरुदेव का अनूठा संगम
गंगाशहर स्थित ‘मिनी मांडोली’ मंदिर में भी योगीराज शांति गुरुदेव की विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर संस्थापक परिवार के लीलम सिपानी ने बताया कि वसंत पंचमी का दिन होने के कारण मंदिर में विशेष रौनक रही। यहाँ स्थापित विद्या की देवी माँ सरस्वती के दर्शन हेतु भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी पहुँचे। पीले और सफेद फूलों के साथ मंदिर की प्रतिमाओं का विशेष श्रृंगार किया गया, जो शांति और ज्ञान के प्रतीक के रूप में भक्तों को प्रभावित कर रहा था।
