जेल की सलाखों के पीछे परवान चढ़ा दो खूंखार कातिलों का प्यार

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  • पैरोल मिलते ही रचाई शादी

जयपुर, 24 जनवरी। राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने अपराध जगत और आमजन दोनों को हैरान कर दिया है। यह कहानी किसी बॉलीवुड क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है, जहाँ दो ऐसे अपराधी एक-दूसरे के हमसफर बने हैं जिनका अतीत खून से सना है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान उर्फ जैकी ने 15 दिन की पैरोल मिलने पर हाल ही में विवाह कर लिया।

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जेल में मुलाकात और परवान चढ़ा इश्क
एक ओर जहाँ जेल को सुधार गृह माना जाता है, वहीं जयपुर जेल इन दो अपराधियों के लिए मिलन स्थल बन गई। दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी प्रिया सेठ और अलवर सामूहिक हत्याकांड का दोषी हनुमान उर्फ जैकी अलग-अलग बैरकों में रहने के बावजूद एक-दूसरे के संपर्क में आए। जेल के अंदर शुरू हुआ यह प्रेम संबंध इतना गहरा हुआ कि दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया और कानूनी प्रक्रिया के तहत पैरोल लेकर शादी की रस्में पूरी कीं।

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दूल्हा: 5 हत्याओं का दोषी हनुमान उर्फ जैकी
हनुमान उर्फ जैकी का अपराध बेहद खूंखार रहा है। उसने अक्टूबर 2017 में अलवर में अपनी प्रेमिका संतोष के साथ मिलकर एक ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था जिसने पूरे प्रदेश को हिला दिया था। हनुमान ने संतोष के पति बनवारी लाल और उसके चार मासूम बच्चों की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस सामूहिक हत्याकांड में उसे आजीवन कारावास की सजा मिली थी।

दुल्हन: ‘हनीट्रैप’ स्पेशलिस्ट प्रिया सेठ
शादी रचाने वाली प्रिया सेठ भी किसी परिचय की मोहताज नहीं है। उसने साल 2018 में अमीर बनने की चाहत में डेटिंग ऐप के जरिए दिल्ली के व्यवसायी दुष्यंत शर्मा को अपने जाल में फंसाया था। अपहरण के बाद उसने परिवार से 10 लाख की फिरौती मांगी, लेकिन जब केवल 3 लाख ही मिले, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बेरहमी से दुष्यंत की हत्या कर दी और शव के टुकड़े कर सूटकेस में फेंक दिए थे।

कानूनी अधिकार और समाज में चर्चा
अपराधियों को शादी के लिए पैरोल मिलना हालांकि उनका कानूनी अधिकार है, लेकिन दो ऐसे कातिलों का एक होना चर्चा का विषय बना हुआ है जिनकी क्रूरता ने कई परिवारों को उजाड़ दिया था। 15 दिन की पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद अब दोनों को पुनः जेल की सलाखों के पीछे लौटना होगा, जहाँ वे अपनी उम्रकैद की सजा काटेंगे।

 

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