गंगाशहर में सांवलिया पार्श्वनाथ मंदिर में अंजन शलाका कल, निकलेगा भव्य वर घोड़ा

गंगाशहर में सांवलिया पार्श्वनाथ मंदिर में अंजन शलाका कल, कल निकलेगा भव्य वर घोड़ा
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 6 फ़रवरी । गंगाशहर के 177 वर्ष प्राचीन ऐतिहासिक श्री सांवलिया पार्श्वनाथ जिनालय (गोल मंदिर) में इन दिनों आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। खरतरगच्छाधिपति आचार्यश्री जिनमणिप्रभ सूरिश्वरजी महाराज एवं साध्वीवृंद के पावन सानिध्य में आयोजित ‘अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव’ अपने चरमोत्कर्ष पर है। महोत्सव के तहत शनिवार, 7 फरवरी को शहर में एक विशाल और भव्य वरघोड़ा (रथ-शोभायात्रा) निकाला जाएगा, जबकि रविवार को मुख्य अंजन शलाका व प्रतिष्ठा संपन्न होगी।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

शुक्रवार को उत्सव के दौरान तेरापंथ भवन में निर्मित अस्थायी ‘वाराणसी नगरी’ में प्रभु पार्श्वनाथ के जन्म से लेकर विवाह तक के प्रसंगों को जीवंत किया गया। मुंबई और सूरत के कलाकारों के साथ बीकानेर के फौजराज बांठिया परिवार के करीब 151 पात्रों ने भक्ति संगीत और लोकगीतों के बीच परमात्मा के जीवन आदर्शों की मनमोहक प्रस्तुति दी। इस अवसर पर नूतन मंदिर में परमात्मा के 18 अभिषेक और ध्वजदंड पूजन के विधान संपन्न हुए।

pop ronak

आचार्यश्री का संदेश: समभाव और अहिंसा का मार्ग

महोत्सव में प्रवचन देते हुए आचार्यश्री जिनमणिप्रभ सूरिश्वरजी ने कहा कि भगवान पार्श्वनाथ ने दुनिया को अहिंसा, सत्य, अचौर्य और अपरिग्रह का शाश्वत संदेश दिया। उन्होंने बताया कि प्रभु ने अपने जीवन में आई भीषण कठिनाइयों और बाधाओं को जिस समभाव के साथ सहन किया, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। आसक्ति और द्वेष से परे रहकर ही आत्मिक शांति प्राप्त की जा सकती है।

भव्य शोभायात्रा: हाथी-घोड़ों के साथ सजेगा लवाजमा

ट्रस्ट अध्यक्ष धनपत सिंह बांठिया ने बताया कि शनिवार सुबह 8:30 बजे बांठिया चौक से भव्य वर घोड़ा रवाना होगा। यह शोभायात्रा आसानियों का चौक, गोलछा, नाहटा, रांगड़ी चौक, श्री चिंतामणि जैन मंदिर और भांडाशाह जैन मंदिर होते हुए पुनः सांवलिया पार्श्वनाथ मंदिर पहुंचेगी।

वर घोड़े के प्रमुख आकर्षण में सजा संवरा हाथी, घोड़े, ऊंट और बग्गियां, नासिक की ढोल पार्टी और पाली व स्थानीय बैंड , सूरत और मुंबई की नृत्य मंडलियों की प्रस्तुतियां तथा भिन्न समुदाय के हजारों श्रावक-श्राविकाओं की सहभागिता होगी।

प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम: 8 फरवरी को होगी अंजन शलाका

महोत्सव के पांचवें दिन, 8 फरवरी 2026 को मंगल मुहूर्त में 15 प्रतिमाओं की अंजन शलाका और प्रतिष्ठा की जाएगी। इसमें मंदिर की 13 नई प्रतिमाओं के साथ-साथ देश के विभिन्न स्थानों से आई 21 अन्य प्रतिमाओं का भी अंजन विधान होगा। 9 फरवरी को जिनालय के द्वारों का उद्घाटन होगा और सतर भेदी पूजा के साथ महोत्सव का समापन होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *