हज प्रशिक्षण शिविर में हाजियों को सिखाई गईं हज और उमरा की बारीकियां
हज प्रशिक्षण शिविर में हाजियों को सिखाई गईं हज और उमरा की बारीकियां


बीकानेर, 08 फरवरी। हज यात्रा-2026 की तैयारियों के मद्देनजर जमीअत उलमा-ए-हिन्द शाखा बीकानेर द्वारा रविवार को एक विशेष हज प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। खड़गावतों के मोहल्ले स्थित मदरसा तालीमुल इस्लाम में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य हज पर जाने वाले जायरीन को सफर की मुश्किलों से बचाना और अरकान (धार्मिक क्रियाओं) की सही जानकारी देना रहा।


शिविर में विशेषज्ञों ने हाजियों को बताया कि हज और उमरा की अदायगी केवल एक सफर नहीं बल्कि एक इबादत है, जिसे सुन्नत के मुताबिक करना अनिवार्य है। इस दौरान बड़ी संख्या में हज यात्रियों ने हिस्सा लिया और अपनी शंकाओं का समाधान किया।


प्रायोगिक तरीके से दी गई जानकारी
प्रशिक्षण सत्र के दौरान अलग-अलग विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से रहनुमाई की।
उमरा का तरीका: हाजी सैयद इंसाफ अली ने उमरा करने की मुकम्मल विधि विस्तार से समझाई।
हज के अरकान: जयपुर से आए विशेष प्रशिक्षक हाजी गुलाम रसूल ने हज के अरकान, उनकी अदायगी के सही समय और जरूरी मसाइल (नियमों) को बेहद आसान और अमली (प्रायोगिक) अंदाज में सिखाया।
शंका समाधान: हाजी जमील मुगल ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए और तकनीकी व धार्मिक बारीकियों को स्पष्ट किया।
जायरीन ने सराही पहल
जमीअत उलमा-ए-हिंद बीकानेर के महासचिव मौलाना मोहम्मद इरशाद क़ासमी ने बताया कि हाजियों को सफर के दौरान आने वाली परेशानियों और वहां के नियमों के बारे में जागरूक करना इस शिविर का मुख्य लक्ष्य था। शिविर में आए हाजियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से उन्हें हज के दौरान आत्मविश्वास मिलेगा और वे बिना किसी गलती के अपनी इबादत पूरी कर सकेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
