कृषि विश्वविद्यालय के फार्मों का कुलगुरु ने किया औचक निरीक्षण
कृषि विश्वविद्यालय के फार्मों का कुलगुरु ने किया औचक निरीक्षण


- गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए वैज्ञानिक अपनाएं मुस्तैदी
बीकानेर, 12 फ़रवरी । स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. आर. बी. दुबे ने गुरुवार को विश्वविद्यालय के विभिन्न कृषि फार्मों का दौरा कर बीज उत्पादन कार्यक्रमों की धरातलीय स्थिति का जायजा लिया। कुलगुरु ने रोजड़ी स्थित मैकेनाइज्ड एग्रीकल्चर फॉर्म, खारा के यूनिवर्सिटी सेंट्रल फॉर्म और बीछवाल स्थित सीड फॉर्म का निरीक्षण करते हुए वैज्ञानिकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को समय पर उच्च गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता होनी चाहिए।


निरीक्षण के दौरान डॉ. दुबे ने कहा कि बीज ही किसी भी फसल की उत्पादकता का आधार होता है और विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए बीज किसानों के बीच ‘ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में हमारी पहचान बनाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि बीज उत्पादन की प्रक्रिया में वैज्ञानिक मानकों और गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। कुलगुरु ने उपलब्ध भूमि के अधिकतम उपयोग और उत्पादित बीजों के वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित भंडारण के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।


रबी फसलों के बीज उत्पादन पर विशेष फोकस
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. देवाराम सैनी ने भूमि के सदुपयोग और फसलों की क्षमता के अनुरूप उत्पादन सुनिश्चित करने हेतु निरंतर मॉनिटरिंग की आवश्यकता जताई। इस दौरान अनुसंधान निदेशक डॉ. एन. के. शर्मा ने वर्तमान में चल रहे रबी सीजन के कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय के फार्मों पर गेहूं, चना और सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों के बीज तैयार किए जा रहे हैं। इन बीजों की शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिकों की विशेष टीमें समयबद्ध निगरानी और देखरेख कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान डॉ. सुनील खारिया और डॉ. जे. के. तिवारी सहित अन्य कृषि विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।
