संभागीय आयुक्त ने आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम को दी हरी झंडी
संभागीय आयुक्त ने आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम को दी हरी झंडी


- पीबीएम अस्पताल के कायाकल्प की तैयारी:
बीकानेर, 12 फ़रवरी । सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में गुरुवार को राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी (RMRS) की 60वीं बैठक संभागीय आयुक्त एवं अध्यक्ष विश्राम मीणा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में पीबीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने और मरीजों की सुविधाओं में विस्तार के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।


बैठक के दौरान आरएमआरएस सचिव एवं पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने पिछली बैठक के कार्यों की समीक्षा रिपोर्ट पेश की, वहीं प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने अस्पताल में जारी विकास परियोजनाओं का ब्यौरा दिया। संभागीय आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी।


कैंसर मरीजों को बड़ी राहत: अब अस्पताल में ही होगा ‘पेट स्कैन’
संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने कैंसर पीड़ितों की पीड़ा को समझते हुए एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने पीबीएम अस्पताल में ही ‘पेट स्कैन’ (PET Scan) जांच की सुविधा को ‘इन-हाउस’ शुरू करने के आदेश दिए, जिससे अब मरीजों को इस महंगी और जटिल जांच के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा।
लाखों की मशीनरी और तकनीकी अपग्रेडेशन को मंजूरी
अस्पताल में सटीक जांच और त्वरित उपचार के लिए अध्यक्ष ने निम्नलिखित मशीनों की खरीद हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की:
- स्पेक्ट्रा ऑप्टिया एफेरेसिस मशीन और ब्लड कंपोनेंट एनालाइजर।
- फुली ऑटोमेटेड कोएगुलेशन एनालाइजर और पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें।
- न्यूरोसर्जिकल ओटी टेबल, क्रेनियोटॉमी सेट और हाई पावर सक्शन मशीन।
तकनीकी सुधार के लिए पूरे अस्पताल में क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम (QMS) लागू किया जाएगा, जिसके तहत नई टोकन मशीनें और नेटवर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा ताकि मरीजों को लंबी कतारों से मुक्ति मिल सके।
MAAY में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर मिलेगा ‘बेस्ट परफॉर्मेंस अवार्ड’
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विश्राम मीणा ने एक नई पहल की शुरुआत की। उन्होंने योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभाग को ‘बेस्ट परफॉर्मेंस अवार्ड’ देने की घोषणा की। साथ ही, क्लेम रिजेक्शन (पैसा अटकने) की समस्या को कम करने के लिए विभागाध्यक्षों को आउटसोर्सिंग सेवाओं पर विचार करने और तकनीकी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए।
अधूरे कार्यों और टेंडर प्रक्रिया पर सख्त रुख
बैठक के दौरान ही संभागीय आयुक्त ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधीक्षक अभियंता को फोन कर पीबीएम परिसर में स्वीकृत बजट के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के आदेश दिए। उन्होंने वित्तीय सलाहकार पवन कस्वां को निर्देशित किया कि टेंडर प्रक्रिया को कानूनी अड़चनों से बचाने के लिए पुख्ता तैयारी की जाए ताकि विकास कार्य बीच में न अटकें।
