राजस्थान विद्यापीठ में AI हैकाथॉन संपन्न, कुलपति बोले- ‘री-स्किल’ और ‘अप-स्किल’ ही सफलता की कुंजी

राजस्थान विद्यापीठ में AI हैकाथॉन संपन्न, कुलपति बोले- 'री-स्किल' और 'अप-स्किल' ही सफलता की कुंजी
mmtc 31 oct 2026
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026
  • भविष्य की तकनीक पर मंथन

उदयपुर, 20 फरवरी। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित एआई-हैकाथॉन (AI-Hackathon) ने तकनीकी नवाचार की नई मिसाल पेश की है। तीन चरणों में आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुशासन जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजे। कुलपति प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत ने इस आयोजन को विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

तीन चरणों में हुआ प्रतिभा का परीक्षण: स्वदेशी सॉफ्टवेयर का उपयोग
हैकाथॉन की सबसे बड़ी विशेषता इसका तकनीकी मूल्यांकन रहा, जो पूरी तरह से विभाग द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर पर आधारित था:

pop ronak
bhikharam chandmal advertisment change 24 oct 2026

आयोजन सचिव का नवाचार: डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए सॉफ्टवेयर के माध्यम से पहले दो चरण संपन्न हुए।

मूल्यांकन प्रक्रिया: प्रथम चरण में बहु-विकल्पीय प्रश्न, द्वितीय में संक्षिप्त उत्तर और अंतिम चरण में ‘प्रॉब्लम सॉल्विंग’ के जरिए छात्रों की कोडिंग और तार्किक क्षमता को परखा गया।

मुख्य विषय: प्रतिभागियों को पांच प्रमुख श्रेणियों—स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा, फिनटेक और गवर्नेंस—पर आधारित जटिल समस्याएं दी गईं।

“एआई से बढ़ेगी भारत की जीडीपी” – प्रो. सारंगदेवोत
मुख्य वक्ता के रूप में कुलपति प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत ने बदलते तकनीकी परिदृश्य पर जोर देते हुए कहा:

कौशल विकास: वर्तमान युग में पुराने पड़ चुके कौशलों को भूलकर ‘री-स्किल’ और ‘अप-स्किल’ करना समय की मांग है।

आर्थिक क्रांति: उन्होंने विश्वास जताया कि एआई का प्रभावी उपयोग भारत की जीडीपी में क्रांतिकारी वृद्धि लाएगा, विशेषकर व्यक्तिगत शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में।

सतत विकास: प्रो. सारंगदेवोत ने सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में एआई की महत्ता पर प्रकाश डाला।

सम्मान और सहभागिता
कार्यक्रम के अंत में विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुलाधिपति बी.एल. गुर्जर, आईटी विभाग की निदेशक प्रो. मंजू मांडोत और डॉ. मनीष श्रीमाली ने भी उभरती प्रौद्योगिकियों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में डॉ. भारत सिंह देवडा, डॉ. गौरव गर्ग सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक और बड़ी संख्या में शोधार्थी उपस्थित रहे।

adv change on 24 oct 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *