तेयुप मंत्री पीयूष बोथरा बने ‘जैन संस्कारक’, संस्कार विधि अभियान को मिलेगी नई ऊर्जा
तेयुप मंत्री पीयूष बोथरा बने 'जैन संस्कारक


श्रीडूंगरगढ़, 23 फरवरी। तेरापंथ युवक परिषद् (तेयुप) श्रीडूंगरगढ़ के सेवा कार्यों में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। परिषद् के वर्तमान मंत्री श्री पीयूष बोथरा का चयन ‘जैन संस्कारक’ के रूप में हुआ है। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् (अभातेयुप) के निर्देशन में आयोजित सत्र 2025-27 की ‘प्रथम ऑनलाइन संस्कारक प्रशिक्षण एवं निर्माण कार्यशाला’ में सफलता प्राप्त करने के बाद उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह उपलब्धि न केवल परिषद् के लिए, बल्कि समूचे श्रीडूंगरगढ़ जैन समाज के लिए गर्व का विषय है।


संस्कार विधि: श्रीडूंगरगढ़ में एक व्यापक अभियान
श्रीडूंगरगढ़ में जैन संस्कार विधि अब एक प्रेरणादायी अभियान का रूप ले चुकी है। परिषद् द्वारा विभिन्न मांगलिक अवसरों को इस विधि से संपन्न कराया जा रहा है:


विविध कार्यक्रम: विद्यालय, दुकान व कार्यालय उद्घाटन, शिलान्यास, जन्मदिवस संस्कार, तप संपूर्ति, विवाह और दीपावली कार्यशाला जैसे आयोजनों को जैन संस्कारों के साथ गरिमापूर्ण बनाया जा रहा है।
अनुभवी नेतृत्व: अब तक मुख्य संस्कारक के रूप में श्री प्रदीप पुगलिया, प्रमोद बोथरा और चमन श्रीमाल अपनी निष्ठावान सेवाएं दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में यह अभियान निरंतर प्रगति पथ पर है।
सत्र की उपलब्धियां और भावी ऊर्जा
परिषद् अध्यक्ष विक्रम मालू ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान सत्र में अब तक लगभग 25 कार्यक्रम जैन संस्कार विधि से सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं।
सराहनीय रिपोर्ट: श्रीडूंगरगढ़ परिषद् का नाम प्रत्येक माह की केंद्रीय रिपोर्ट में निरंतर प्रकाशित हो रहा है, जो टीम की सक्रियता को दर्शाता है।
नई ऊर्जा: अध्यक्ष मालू ने विश्वास जताया कि मंत्री पीयूष बोथरा के संस्कारक के रूप में जुड़ने से इस आध्यात्मिक अभियान को और अधिक विस्तार और नई दिशा प्राप्त होगी।
समाज में चेतना का संचार
जैन संस्कार विधि का मुख्य उद्देश्य समाज में आडंबर रहित और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित संस्कारों का बीजारोपण करना है। परिषद् परिवार ने नवनियुक्त संस्कारक पीयूष बोथरा सहित पूरी टीम के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की है।
