चूरू के सरकारी समाचार

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quicjZaps 15 sept 2025
  • जल प्रकृति का अमूल्य उपहार, पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक – अविनाश गहलोत

चूरू, 25 मई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत सोमवार को जिले के छापर आए और छापर मुख्यालय पर गांधी सरोवर पर वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के जिला स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने जल पूजन किया और उपस्थितों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया।

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इस मौके पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है। समाज की सहभागिता से ही जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में अभूतपूर्व काम हो रहे हैं। हमारी सरकार ने ईआरसीपी, यमुना जल समझौता आदि प्रयासों से प्रदेश में वर्षों से लंबित पेयजल की मांग को पूरा किया है। अभी जल संरक्षण की दिशा में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान कर संकल्प लिया है। इस मुहिम में हम सभी आगे आएं और संकल्पित प्रयासों से अपनी विरासत को बचाएं। उन्होंने आमजन से वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया।

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प्रभारी मंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में प्रभावी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ और युवाओं को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन वर्तमान सरकार ने युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। सरकार युवाओं को रोजगार और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार के कार्यकाल में सभी विभागों में रिकॉर्ड स्तर पर काम हो रहा है और प्रदेश विकास, सुशासन एवं जनकल्याण के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। सरकार की प्राथमिकता आमजन को राहत, किसानों को सुविधा, युवाओं को रोजगार और महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना है। आज हमारे विभाग हर क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।

पूर्व मंत्री खेमाराम मेघवाल ने कहा कि जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और समाज की भागीदारी से ही जल स्रोतों को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने क्षेत्रीय जल स्रोतों की जानकारी देते हुए उनके संरक्षण व संवर्धन की बात कही। उन्होंने लोगों से जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि ने कहा कि जल संकट केवल सरकारों के प्रयासों से समाप्त नहीं होगा, बल्कि इसके लिए समाज की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। हर व्यक्ति को वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई एवं संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग की आदत अपनानी होगी।

प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हमारी समृद्ध विरासत और संस्कृति को सहेजने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आमजन इसमें अधिकतम भागीदारी करें। प्रभारी सचिव ने जिले में संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों की सफाई, पौधारोपण, श्रमदान, जनजागरूकता गतिविधियां तथा जल संरक्षण संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने जिले में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की विस्तृत रूपरेखा की जानकारी दी।

पूर्व नगरपालिकाध्यक्ष श्रवण कुमार माली ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जल एवं जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा की।

इस दौरान छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी और उपस्थितों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया।

इस मौके पर एडीएम संतोष कुमार मीना, एएसपी सतपाल सिंह, एसडीएम ओमप्रकाश वर्मा, तहसीलदार गिरधारी पारीक, ईओ भवानीशंकर व्यास, चितरंजन राठौड़, गजानंद स्वामी, पुरूषोत्तम सुरेका, मांगीलाल भांभू, पार्थ सोनी, अनिल, मुकेश सहित अन्य मौजूद रहे। संचालन सुरेश रतावा ने किया।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे राहत व सुविधाएं : कृष्ण कुणाल

जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, एसपी निश्चय प्रसाद एम, एडीएम अर्पिता सोनी, सीईओ श्वेता कोचर सहित अधिकारी रहे मौजूद

चूरू, 25 मई। ग्रामीण विकास शासन सचिव व जिला प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने सोमवार को जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, बिजली एवं पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा सेवाओं, कृषि गतिविधियों तथा “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” को लेकर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को समुचित निर्देश दिए।

प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन से जुड़ी

योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप अंतिम व्यक्ति तक राहत एवं सुविधाएं पहुंचें और इसके लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट घोषणाओं से जुड़े कार्यों में गति लाएं तथा प्रत्येक योजना की विभागीय स्तर पर नियमित मॉनीटरिंग कर अपेक्षित प्रगति लाएं।

उन्होंने जिले में बिजली एवं पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए आमजन को निर्बाध बिजली एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। अधिकारी पेयजल व बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने चिकित्सा संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति, जांच सुविधाओं एवं आमजन को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम के दौरान मरीजों को बेहतर एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कृषि गतिविधियों, फसल प्रबंधन, खाद-बीज उपलब्धता एवं किसानों को दी जा रही योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को जागरूक कर कम उर्वरक व पानी आवश्यकता वाली फसलों के बारे में जानकारी दी जाए तथा कृषि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक पहुंचाएं। उन्होंने पशु चिकित्सा और मोबाइल वेटरनरी वैन को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने की बात कही।

बैठक में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। प्रभारी सचिव ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा इसे जन आंदोलन का रूप देने के लिए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पौधारोपण एवं जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों, योजनाओं एवं बजट घोषणाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन राज्य सरकार की मंशानुरूप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वय से विकास कार्यों को गति दी जा रही है तथा आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

एसपी निश्चय प्रसाद एम ने जिले में कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए पुलिस प्रबंधन, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्यवाही आदि की जानकारी दी।

सीईओ श्वेता कोचर ने बैठक कार्यवाही का संचालन करते हुए जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों, बजट घोषणाओं एवं योजनाओं, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की विस्तृत रूपरेखा की जानकारी दी।

इस दौरान एडीएम अर्पिता सोनी, एएसपी दिनेश कुमार, एसीईओ भागचंद खारिया, कोषाधिकारी प्रवीण सिंघल सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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युवा नवाचार आधारित सोच के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित करें : कुष्ण कुणाल

चूरू, 25 मई। ग्रामीण विकास शासन सचिव व जिला प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर लोहिया महाविद्यालय स्थित इनक्यूबेशन सेंटर में चल रहे ‘इनोवेट चूरू’ बूट कैंप का पर्यवेक्षण किया और प्रतिभागियों से संवाद करते हुए युवाओं को नवाचार, स्टार्टअप एवं एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के पास असीम संभावनाएं हैं तथा नवाचार आधारित सोच के माध्यम से वे न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बना सकते हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने आइडियाज को व्यवहारिक रूप देने तथा तकनीक एवं कौशल का बेहतर उपयोग करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को अपनाएं और नौकरी देने वाले बनें। अपने विचारों व नवाचारों से स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करें और समस्याओं का समाधान खोजें।
उन्होंने कोड चूरू कार्यक्रम में इनरोल बच्चों द्वारा सालासर बालाजी मंदिर के लिए तैयार की गई वेबसाइट की लॉन्चिंग की और वेबसाइट का अवलोकन किया। वेबसाइट बनाने वाले बच्चों को पुस्तकें भेंट कर प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने बूट कैंप की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को स्टार्टअप, बिजनेस मॉडल, डिजिटल इनोवेशन एवं स्वरोजगार से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बूट कैंप व जिले में शिक्षा नवाचारों से रूबरू करवाया।

प्रतिभागियों ने अपने विचार एवं प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण दिया, जिनकी प्रभारी सचिव ने सराहना की। उन्होंने कहा कि बूट कैंप जैसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के नए अवसरों की दिशा में प्रेरित करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए ताकि राज्य स्तर से समन्वय कर सभी जिलों में बूट कैंप जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।

डीओआईटी जेडी नरेश कुमार ने बूट कैंप की जानकारी दी। इस दौरान सीडीईओ संतोष महर्षि, लोहिया महाविद्यालय प्राचार्य डॉ मंजू शर्मा, एसीपी विनोद देवी, गौरव शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

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  • राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में पानी जीवन और संस्कृति का आधार – राठौड़

चूरू, 25 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में जल संस्कृति सजीव हो रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘वंदे गंगा: जल संरक्षण जन अभियान’ का सोमवार सवेरे चूरू जिला मुख्यालय पर सेठाणी का जोहड़ा में आयोजित कार्यक्रम में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, ग्रामीण विकास शासन सचिव एवं जिला प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, पूर्व जिला उप प्रमुख महेंद्र न्यौल, बसंत शर्मा, सीईओ श्वेता कोचर सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की।

इस अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल का विशेष महत्व रहा है और गंगा दशमी का यह दिन भी विशेष महत्व रखता है, क्योंकि मान्यता अनुसार आज ही के दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में पानी केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का आधार है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और बिगड़ते पर्यावरणीय हालात के बीच जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाना जरूरी है। प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में बीसलपुर बांध से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का शुभारंभ किया गया है। प्रदेश सरकार हमारी समृद्ध विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। सरकार जल जीवन मिशन और अन्य योजनाओं के माध्यम से हर घर तक जल पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पानी का निर्माण संभव नहीं है, इसलिए इसके संरक्षण की अहम जिम्मेदारी समाज की है।

राठौड़ ने कहा कि करीब 125 वर्ष पुराने सेठाणी के जोहड़े जैसे ऐतिहासिक जल स्रोत हमारी विरासत हैं और इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने “कर्मभूमि से मातृभूमि” अभियान के तहत जल स्रोतों के पुनरुद्धार और उन्हें रमणीय स्थलों के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने उपस्थितों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए पारंपरिक जल स्रोतों, जोहड़ों और तालाबों के संरक्षण तथा प्लास्टिक मुक्त अभियान में सहभागिता का आह्वान किया।

ग्रामीण विकास शासन सचिव व जिला प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि चूरू जिले के परिप्रेक्ष्य में जल संरक्षण और भी अधिक महत्वपूर्ण है। चूरू मरुस्थलीय जिला होने के कारण यहां जल स्रोतों को संरक्षण अधिक आवश्यक हो जाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में प्रदेश में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान चलाया गया है। हम सभी इस अभियान में अधिकतम भागीदारी करें और अपने परंपरागत जल स्रोतों का संरक्षण व संवर्धन करें। उन्होंने कहा कि 05 जून तक चलने वाले इस अभियान अंतर्गत आयोजित की जाने वाली सभी गतिविधियों में सभी विभागों को समुचित समन्वय रहे तथा आमजन की सहभागिता से सफल आयोजन सुनिश्चित किए जाएं।

जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन अभियान बनाने की दिशा में प्रभावी कदम है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, कुडों व जोहड़ों में पानी सुरक्षित रखने तथा फसल विविधता को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश के इस दौर में पानी की एक-एक बूंद बचाना आवश्यक है।

बसंत शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक जल स्रोतों को बचाने और जल संरक्षण की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है तथा आमजन की भागीदारी से यह अभियान और प्रभावी बनेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जल संरक्षण और परंपरागत जल स्रोतों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सभी संकल्पित प्रयासों से अभियान में आमजन को जोड़कर काम करेंगे।
इस दौरान अतिथियों ने जल पूजन, पीपल पूजन व दीपदान के साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया और महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर जल संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर एसडीएम धीरज झाझड़िया, एसीईओ भागचंद खारिया, नगर परिषद आयुक्त अभिलाषा सिंह, पद्मसिंह राठौड़, विक्रम कोटवाद, सीताराम लुगरिया, दीनदयाल सैनी, नरेंद्र कंवल, नरेंद्र काछवाल, सुशील लाटा, सत्तार खान, नीरज जांगिड़, धर्मेंद्र राकसिया, श्रीराम पीपलवा, आकाश सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन रवि दाधीच ने किया।

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