जीरो डोज़ बच्चों की पहचान के लिए बनी नई रणनीति, समाज के प्रभावशाली लोग भी अभियान में शामिल
जीरो डोज़ बच्चों की पहचान के लिए बनी नई रणनीति, समाज के प्रभावशाली लोग भी अभियान में शामिल


- बीकानेर में ‘टीकाकरण’ को धर्मगुरुओं का साथ
बीकानेर, 27 फरवरी। बीकानेर के शहरी क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण के ग्राफ को शत-प्रतिशत तक पहुँचाने के लिए चिकित्सा विभाग ने एक नई और प्रभावशाली पहल की है। दिशा समाजसेवी संस्था एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक विशेष बैठक में शहर के धर्मगुरुओं और प्रभावशाली व्यक्तियों को टीकाकरण अभियान का ‘ब्रैंड एंबेसडर’ बनाने का संकल्प लिया गया। टी.बी. क्लीनिक स्थित प्रशिक्षण भवन में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य फोकस ‘जीरो डोज़’ (वे बच्चे जिन्हें एक भी टीका नहीं लगा है) बच्चों की पहचान करना और समुदायों के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करना रहा।


भ्रांतियों पर प्रहार: धर्मगुरु बनेंगे जागरूकता की कड़ी
बैठक में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि टीकाकरण केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने का ‘सुरक्षा कवच’ है।


धर्मगुरुओं की भूमिका: डब्ल्यूएचओ (WHO) के एसएमओ डॉ. अनुरोध तिवारी ने कहा कि समाज में धर्मगुरुओं की बात को अत्यंत सम्मान के साथ सुना जाता है। यदि वे टीकाकरण की वकालत करते हैं, तो समुदाय में फैली झिझक और गलतफहमियां तेजी से दूर हो सकती हैं।
विशेषज्ञ राय: जिला कार्यक्रम अधिकारी (एनयूएचएम) नकुल शेखावत और बाल विकास परियोजना अधिकारी शक्ति सिंह कच्छावा ने टीकाकरण से बचाव योग्य बीमारियों पर तकनीकी जानकारी साझा की और बताया कि कैसे एक छोटा सा टीका भविष्य की बड़ी विकलांगता या बीमारी को रोक सकता है।
जीरो-डोज़ बच्चों की पहचान की रणनीति
दिशा आरसीडीएसएसएस अजमेर की टीम ने जमीनी स्तर पर कार्य करने के लिए एक खाका पेश किया। जिला समन्वयक सलमान खान और उनकी टीम (शिवशंकर, रोहिता पालीवाल, मो. साजिद, सुनील वैष्णव) ने बताया कि शहर के उन पॉकेट या मोहल्लों की मैपिंग की जाएगी जहाँ टीकाकरण की दर कम है।
सक्रिय सहयोग: इन क्षेत्रों में स्थानीय धर्मगुरु और प्रभावशाली व्यक्ति स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर परिवारों की काउंसिलिंग करेंगे।
सामूहिक शपथ: कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने और जीरो-डोज़ बच्चों को स्वास्थ्य केंद्र तक लाने की सामूहिक शपथ ली।
सराहनीय सेवा का सम्मान
टीकाकरण अभियान में पूर्व में सक्रिय सहयोग देने वाले और इस कार्यशाला में शामिल हुए सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने विश्वास जताया कि बीकानेर की यह सामाजिक सहभागिता प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगी। यह कदम आने वाले समय में नियमित टीकाकरण कवरेज बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
