गंगाशहर का तेरापंथ समाज जागरूक व जिम्मेदार समाज है

साध्वी विशदप्रज्ञा जी एवं लब्धियशा जी को भावभीनी विदाई
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

शांतिनिकेतन में सेवा की सुगंध: गंगाशहर के जागरूक तेरापंथ समाज ने दी साध्वी विशदप्रज्ञा जी एवं लब्धियशा जी को भावभीनी विदाई

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बीकानेर/गंगाशहर, 28 फरवरी। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गंगाशहर के तत्वावधान में शांतिनिकेतन सेवा केंद्र के प्रांगण में एक भव्य ‘मंगलभावना समारोह’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री विशदप्रज्ञा जी एवं साध्वी श्री लब्धियशा जी द्वारा गंगाशहर सेवा केंद्र में सफलतापूर्वक संपन्न की गई 13 महीने की सेवा के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

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सेवा केंद्र: बुजुर्ग साध्वियों का संबल
गंगाशहर का शांतिनिकेतन सेवा केंद्र उन बुजुर्ग और रुग्ण साध्वियों का ‘स्थिरवास’ है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन संयम और साधना में समर्पित कर दिया है। आचार्य श्री महाश्रमण जी प्रतिवर्ष यहाँ इन साध्वियों की सेवा के लिए विशेष ‘ग्रुप (साध्वी समूह) नियुक्त करते हैं। इसी कड़ी में साध्वी श्री विशदप्रज्ञा जी एवं साध्वी श्री लब्धियशा जी के समूह ने 13 महीनों तक अपनी निष्काम सेवाएँ दीं। अब यह समूह 4 मार्च को लाडनूं में आचार्य श्री के दर्शनार्थ प्रस्थान करेगा।

संयम और साधना की धरोहर हैं बुजुर्ग साध्वियां
समारोह को संबोधित करते हुए साध्वी श्री विशदप्रज्ञा जी ने सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। अखूट ज्ञान का भंडार: उन्होंने कहा कि बुजुर्ग साध्वियां धर्म संघ की अमूल्य धरोहर हैं। इनकी सेवा से न केवल कर्मों की निर्जरा होती है, बल्कि ज्ञान और वैराग्य में भी वृद्धि होती है। साधना ओर संयम की ताकत होती है। इनकी सेवा करने से कर्म निर्जरा के साथ ज्ञान वैराग्य की वृद्धि होती है। साध्वी जी ने कहा कि ‘माईतों’ (बुजुर्ग साध्वियों) की सेवा करना साक्षात् भगवान महावीर की वाणी का अनुसरण करना है, जिससे आत्मसंतुष्टि और निश्चिंतता प्राप्त होती है।

गंगाशहर का तेरापंथ समाज

गंगाशहर समाज की अद्वितीय सेवा भावना
साध्वी श्री लब्धियशा जी ने गंगाशहर प्रवास के दौरान मिले वात्सल्य और स्नेह का आभार व्यक्त किया। जागरूक समाज: उन्होंने कहा, “गंगाशहर का तेरापंथ समाज अत्यंत जागरूक और जिम्मेदार है।” उन्होंने सेवा की सफलता का श्रेय आपसी संबंधों और श्रावक समाज के सक्रिय सहयोग को दिया।
उन्होंने कहा कि सभी सेवाग्राही साध्वियों का , कृपा भाव, प्रमोद भावना, आगे बढा़ने की प्ररेणा हम कभी भूल नही सकते। गंगाशहर की तेरापंथी सभा अद्वितीय है। श्रावक जागरूक है। सभी में सेवा भावना के भाव है। उन्होंने कहा कि गंगाशहर का तेरापंथ समाज जागरूक व जिम्मेदार समाज है।
संवाद और गीतिका: कार्यक्रम में साध्वी श्री मंदारप्रभा जी और विधिप्रभा जी ने रोचक संवाद प्रस्तुत किया, वहीं महिला मंडल की बहनों ने सुमधुर गीतिका के माध्यम से अपनी मंगलभावनाएँ व्यक्त कीं। कार्यक्रम में साध्वी श्री कंचनबाला जी ने कहा कि इन दोनों ग्रुप ने सेवा के द्वारा मोक्ष, मुक्ति का रिजर्वेशन करवा लिया है। आज आप सभी का असली, सच्चा स्वागत है।आपको बधाई है बहुत कुशलता से चाकरी सम्पन्न की है।

अग्रणी श्रावकों की उपस्थिति
समारोह में साध्वी श्री प्रभाश्री जी, साध्वी श्री मल्लिकाश्री जी, साध्वी श्री स्वस्थप्रभा जी, साध्वी श्री कौशलप्रभा जी आदि साध्वियों ने अपने विचार व्यक्त किये। सहित अनेक साध्वियों ने अपने विचार रखे। श्रावक समाज की ओर से कार्यक्रम में जैन लूणकरण छाजेड़, नवरतन बोथरा, जतनलाल संचेती, देवेंद्र डागा, करणी दान रांका, किशन बैद,अजित संचेती, अनिल बैद, अरूण नाहटा, मदन चोपड़ा, एवं श्रीमती प्रेम बोथरा, प्रिया पारख, एकता पुगलिया तथा चोपड़ा – बोथरा जो नातिले परिवार हैं , आदि श्रावक श्राविकाओं ने अपने विचारों से गीतिकाओ से भाव प्रकट किये।
कार्यक्रम का कुशल संचालन तेरापंथी सभा गंगाशहर के मंत्री जतनलाल संचेती ने किया। अंत में सभी ने साध्वी वृंद की मंगलमय यात्रा और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

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