स्वस्थ जीवनशैली से ही रुकेगा बच्चों में बढ़ता मोटापा

स्वस्थ जीवनशैली से ही रुकेगा बच्चों में बढ़ता मोटापा
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
हुलासमल जी लालानी
  • डॉ. जी. एस. तंवर ने अभिभावकों को दिए सेहत के मंत्र

बीकानेर, 5 मार्च । विश्व मोटापा दिवस के अवसर पर बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग और बीकानेर पीडियाट्रिक सोसायटी द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में तेजी से पैर पसार रही मोटापे की समस्या और उसके समाधान पर चर्चा करना था। कार्यशाला के मुख्य वक्ता और विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. जी. एस. तंवर ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी बच्चों को मोटापे की ओर धकेल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते बच्चों की आदतों में सुधार नहीं किया गया, तो यह भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने BMI-for-age चार्ट के महत्व को समझाया और बताया कि केवल वजन देखकर मोटापे का अंदाजा लगाना गलत है। डॉ. तंवर और वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल ने अभिभावकों के संशयों को दूर करते हुए कहा कि यह धारणा पूरी तरह गलत है कि उम्र बढ़ने के साथ मोटापा अपने आप कम हो जाएगा। सच्चाई यह है कि बिना किसी ठोस हस्तक्षेप के मोटे बच्चे अक्सर मोटे वयस्क बन जाते हैं। विशेषज्ञों ने वजन बढ़ने के साथ लंबाई कम होने या ऊर्जा की कमी जैसे लक्षणों दिखने पर तुरंत हार्मोनल जांच करवाने की सलाह दी।

pop ronak

बच्चों के आहार और दिनचर्या पर बात करते हुए डॉ. तंवर ने ‘JUNCS’ (जंक, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड, न्यूट्रिशनली इनएप्रोप्रिएट, कार्बोनेटेड और शुगर युक्त पेय) से पूरी तरह बचने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को क्रैश डाइट पर रखने के बजाय संतुलित पोषण देना चाहिए। साथ ही, 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि और स्क्रीन टाइम को 1-2 घंटे तक सीमित करना अनिवार्य बताया गया। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि स्क्रीन के सामने बैठकर स्नैकिंग करने की आदत मोटापे का एक बड़ा कारण है।

कार्यशाला के अंत में डॉ. जी. एस. तंवर ने अभिभावकों से खुद एक ‘रोल मॉडल’ बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब परिवार साथ मिलकर स्वस्थ भोजन करेगा और खेलकूद में भाग लेगा, तभी बच्चे प्रेरित होंगे। कार्यक्रम में डॉ. के. एस. बिठू, डॉ. अनिल लाहोटी और डॉ. सारिका स्वामी सहित कई विशेषज्ञों ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और शरीर के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने पर बल दिया। इस सफल संवाद सत्र में लगभग 40 अभिभावकों ने भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *