बीकानेर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव की धूम
बीकानेर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव की धूम


- नगर सेठ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब
बीकानेर, 19 अप्रैल । अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आज बीकानेर शहर के आराध्य नगर सेठ श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर और श्री धनीनाथ गिरि मठ (पंच मंदिर) में भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव अपार श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भारतीय संस्कृति एवं सनातन सार्वभौम महासभा तथा श्री विप्र महासभा के तत्वावधान में आयोजित यह 43वां वार्षिक मुख्य अनुष्ठान ब्रह्ममुहूर्त से शुरू होकर देर रात तक भक्तिमय वातावरण में जारी रहा।


ब्रह्ममुहूर्त में अभिषेक और दिव्य श्रृंगार
स्थापना दिवस और अक्षय तृतीया की शुभ बेला पर प्रातः 4 बजे नगर सेठ श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर के कपाट खुलते ही भगवान श्री विष्णु के अवतार परशुराम जी का दुग्ध-पंचामृत एवं पंच द्रव्य अभिषेक किया गया। साधक पं. योगेन्द्र कुमार दाधीच के सानिध्य में पुजारी मुन्ना, अभिषेक सेवग, महेश, बुलाकी और नवरतन सेवग ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। भगवान को नए वस्त्र और विशेष आभूषणों से अलंकृत कर महाआरती की गई।


पंच मंदिर में महायज्ञ और संतों का सानिध्य
प्रातः 7 बजे श्री धनीनाथ गिरि मठ में संतों की उपस्थिति में विष्णु-परशुराम महायज्ञ का आयोजन हुआ।
प्रमुख उपस्थिति: महामंडलेश्वर स्वामी श्री परमात्मानंद सरस्वती महाराज (दिल्ली), स्वामी श्री भागवत भारती महाराज (हरिद्वार) और स्वामी श्री जगदीशानंद महाराज।
यज्ञ अनुष्ठान: पंडित अशोक जोशी दाधीच के आचार्यत्व में पं. योगेन्द्र कुमार दाधीच सहित विद्वानों और संतों ने विश्व शांति और लोक कल्याण की कामना के साथ आहुतियां दीं।
पाटी-पोथी पूजन: सनातन मूल्यों से संस्कारित हुए नौनिहाल
अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर सनातन परंपरा को जीवित रखते हुए बच्चों के लिए ‘पाटी-पोथी और कलम’ पूजन का विशेष आयोजन हुआ। पं. योगेन्द्र कुमार दाधीच ने सभी बच्चों को सरस्वती माता की तस्वीर का पूजन करवाकर तिलक-मोली बांधी और उन्हें पूजित कलम, पाटी व पोथी भेंट की। इस दौरान भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कथावाचक पं. विजय शंकर व्यास ने कहा कि परशुराम जी शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञाता हैं, जो अन्याय के विरुद्ध शक्ति और ज्ञान का संतुलन सिखाते हैं।
दीपोत्सव और 151 मंदिरों में महाआरती
शाम 6:30 बजे से नगर सेठ परिसर में 1100 दीपों के साथ भव्य दीपोत्सव और रंगोली उत्सव का आयोजन हुआ।
महाप्रसाद वितरण: सवा लाख मंत्रों से अभिमंत्रित भगवान परशुराम की दिव्य तस्वीरों के साथ सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया गया।
व्यापक स्तर पर आयोजन: बीकानेर के 151 मंदिरों में पुजारियों द्वारा विशेष भोग और आरती का अनुष्ठान किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सनातन प्रेमी शामिल हुए।
इस भव्य आयोजन में अशोक व्यास, किशन लाल ओझा, राजेंद्र आचार्य, सुरेंद्र जोशी, गोपाल पुरोहित सहित विप्र समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों के गणमान्य जनों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
