बीकानेर के सरकारी समाचार
बीकानेर के सरकारी समाचार


सप्तम राज्य वित्त आयोग की बैठक 9 एवं 10 अप्रैल को


बीकानेर, 24 मार्च। सप्तम राज्य वित्त आयोग द्वारा संभाग के शहरी स्थानीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विचार विमर्श के लिए सप्तम राज्य वित्त आयोग की बैठक 9 व 10 अप्रैल को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगी।
संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा के निर्देशानुसार पंचायती राज संस्थाओं के 9 अप्रैल को प्रातः 11:30 बजे बीकानेर संभाग के समस्त जिलों के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रधानों, विकास अधिकारियों के तथा शहरी स्थानीय निकाय को 10 अप्रैल को प्रातः 11 बजे महापौर, आयुक्त, नगर निगम, अध्यक्ष, सभापति, आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, नगर परिषद, नगर पालिका, बीकानेर संभाग एवं क्षेत्रीय उपनिदेशक के साथ विचार विमर्श किया जाएगा। सभी प्रतिभागी अधिकारियों को आवश्यक प्रेजेंटेशन और सूचनाओं के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया गया है।
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रेजिन आर्ट प्रशिक्षण शिविर शुरू, बधिर बालिकाओं को सिखाए जा रहे कौशल


बीकानेर, 24 मार्च। जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि के निर्देशानुसार और महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना के मार्गदर्शन में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (बधिर) में मंगलवार को जिले में बालिकाओं के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेजिन आर्ट का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया। यह शिविर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण में 9 बधिर बालिकाओं को रेजिन आर्ट की बारीकियां सिखाई जा रही है। प्रशिक्षक निशा थिरानी, पिंकी और उमंग द्वारा प्रतिभागियों को रेजिन आर्ट के तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ इसे आजीविका का माध्यम बनाने की जानकारी दी।
प्रचेता विजयलक्ष्मी जोशी ने अनुवादक रोहित आचार्य और उप प्राचार्य उम्मेद सिंह के सहयोग से विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। विद्यालय की प्राचार्य रेणु वर्मा और अध्यापिका सुनीता गुलाटी ने भी बालिकाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद लगातार प्रगति कर रही हैं।
कार्यक्रम में पर्यवेक्षक रश्मि कल्ला, गर्विता पारीक और पीएसएसके केंद्र प्रबंधक कविता हुरकट सहित विद्यालय स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर बालिकाओं को रेजिन आर्ट किट और विभागीय प्रचार सामग्री देकर सम्मानित किया गया। शिविर के दौरान बालिकाओं द्वारा बनाए गए रेजिन आर्ट के ट्रे और पोस्टर बेहद आकर्षक और रचनात्मक नजर आए। कार्यक्रम में सभी ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए संदेश दिया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
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‘खजूर उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन व विपणन के अवसर एवं संभावनाएं’ विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार शुरू
बीकानेर को खजूर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐसे आयोजन समय की मांग
वैज्ञानिकों व प्रगतिशील कृषकों की खजूर पर हुई विस्तृत चर्चा
बीकानेर, 24 मार्च। उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास निदेशालय सभागार में ‘खजूर उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन व विपणन के अवसर एवं संभावनाएं’ विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार मंगलवार को शुरू हुई। यह सेमिनार उद्यान विभाग, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय तथा केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
दो दिवसीय सेमिनार के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे, विशिष्ठ अतिथि निदेशक अनुसंधान डॉ. एन. के. शर्मा व निदेशक डीएचआरडी, डॉ एच एल देशवाल तथा विशेष अतिथि उपनिदेशक उद्यान अनुसंधान एटीसी प्रेमाराम व खजूर उत्कृष्टता केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र सिंह राठौड़ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उद्यान विभाग की उपनिदेशक रेणु वर्मा सेमिनार की अध्यक्षता की एवं अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुख्य अतिथि केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश राणे ने बताया कि जिले में खजूर क्षेत्र विस्तार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बीकानेर को खजूर हब के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाने चाहिए। निदेशक (अनुसंधान) डॉ. एन के शर्मा ने बताया कि खजूर उत्कृष्टता केंद्र में खजूर की 50 से अधिक किस्मों का संग्रहालय है खजूर अनुसंधान का लाभ किसानों को व्यापक रूप से मिलना चाहिए। विभाग द्वारा किसानों को सही गुणवत्ता वाले टिशु कल्चर पौधे उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। निदेशक डीएचआरडी डॉ एच एल देशवाल ने खजूर में लगने वाली कीट व्याधियों के नियंत्रण उपाय के बारे में विस्तार से बताया।
खजूर उत्कृष्टता केंद्र प्रभारी डॉ राजेंद्र सिंह राठौड़ ने खजूर क्षेत्रफल, उत्पादन व बीकानेर में क्षेत्र विस्तार की संभावनाएं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उपनिदेशक उद्यान अनुसंधान डॉ. प्रेमाराम ने कहा किसान खजूर फल बगीचा स्थापना से अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते है। सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा देय विभिन्न अनुदान योजनाओं के बारे में जानकारी दी। सेमिनार के पहले दिन आयोजित 5 तकनीकी सत्रों में बड़ी संख्या में युवा प्रगतिशील नवाचारी उद्यान किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में उद्यान विभागीय अधिकारी रमेश भाम्भू, जोधराज कालीरावणा, लीला विश्नोई, लक्ष्मण सिंह शेखावत, अनिरूद्ध, पुष्पेन्द्र सिंह, धर्मपाल, बनवारीलाल सैनी, ओमप्रकाश गोदारा, शिवभगवान इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक (उद्यान) मुकेश गहलोत ने किया।
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विश्व टीबी दिवस: जिला कलेक्टर वृष्णि ने बीकानेर में 100 दिवसीय सघन अभियान का किया आगाज, डोर-टू-डोर होगी स्क्रीनिंग और हैंड हेल्ड मशीन से एक्सरे
बीकानेर, 24 मार्च। विश्व टीबी दिवस के अवसर पर जिला क्षय निवारण केंद्र की ओर से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष सघन अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने बताया कि अभियान के दौरान जिले के हाई रिस्क ग्रामीण इलाकों में टीबी स्क्रीनिंग के साथ-साथ बीपी, शुगर और हीमोग्लोबिन की जांचें भी की जाएंगी। विशेष रूप से हैंड-हेल्ड एक्सरे मशीन (Hand-held X-ray) के माध्यम से मौके पर ही एक्सरे सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि रोगियों की शीघ्र पहचान हो सके। संयुक्त निदेशक डॉ. देवेन्द्र चौधरी तथा जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर मोदी ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस अभियान को एक ‘जन आंदोलन’ की तरह लेना होगा, जिसमें हर नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
जन-जागरूकता हेतु रिक्शा और ग्राम सभाओं का आयोजन
टीबी दिवस पर जागरूकता फैलाने के लिए रिक्शा द्वारा प्रचार-प्रसार सामग्री, पैम्फलेट और स्टिकर्स का वितरण करवाया जा रहा है। पूरे जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी जागरूकता और स्क्रीनिंग के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले भर में पोस्टर्स और विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ब्लॉक स्तर पर ग्राम सभाओं का आयोजन कर जन-भागीदारी को मजबूत किया जाए।
चिकित्सा टीम और विशेषज्ञों की सहभागिता
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि डॉ. सुधांश खत्री ने विश्वास जताया कि पूरी मेडिकल टीम आपसी समन्वय से इस 100 दिवसीय अभियान को सफल बनाएगी। कार्यक्रम के दौरान आरसीएचओ डॉ भवानी शंकर गहलोत, डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण डॉ योगेंद्र तनेजा, डॉ. नवल गुप्ता, टीबी क्लिनिक के चिराग भार्गव, प्रताप सिंह, विक्रम सिंह राजावत, रामधन पंवार, शाहबान, मनोज मोदी सहित विभाग के अन्य कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे।
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मोबाइल एकेडमी व किलकारी सेवा से मजबूत हो रहा मातृ-शिशु स्वास्थ्य संचार
गर्भवती महिलाओं तक घर बैठे पहुँच रहे स्वास्थ्य संदेश, आशाओं को भी मिल रहा तकनीकी प्रशिक्षण
बीकानेर, 24 मार्च। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में जिले में मोबाइल एकेडमी एवं किलकारी कार्यक्रम पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सी.एस. मोदी ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सरल माध्यम से पहुँचाना तथा आशा सहयोगिनियों की क्षमता को तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम मे जिले के सभी ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक हैल्थ सुपरवाइजर और सेक्टर सुपरवाइजर ने भाग लिया|
डॉ. सी.एस. मोदी ने बताया कि किलकारी सेवा के माध्यम से पीसीटीएस में पंजीकृत महिलाओं के मोबाइल नंबर पर नियमित वॉयस मैसेज प्राप्त हो रहे हैं। इससे गर्भावस्था एवं प्रसव के बाद आवश्यक सावधानियों, पोषण, टीकाकरण तथा शिशु देखभाल संबंधी जानकारी घर बैठे मिल रही है। उन्होंने बताया कि किलकारी सेवा के अंतर्गत गर्भकाल के चौथे माह से संदेश मिलना प्रारंभ हो जाता है, जो शिशु के एक वर्ष की आयु तक जारी रहते हैं। इससे माता और शिशु के स्वास्थ्य की सटीक जानकारी घर बैठे गर्भवती महिला को प्राप्त हो जाती है |
मोबाइल एकेडमी से आशाओं का कौशल विकास
कार्यक्रम अधिकारी नवल किशोर व्यास ने बताया कि मोबाइल एकेडमी सेवा मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता का प्रभावी माध्यम बन रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य जानकारी का विस्तार हुआ है। मोबाइल अकेडमी कोर्स को आशा अपने मोबाइल से कभी भी किसी भी समय अपने पीसीटीएस मे रजिस्टर्ड नंबर से इस कोर्स को कर सकती है |
आशा समन्वयक रेणु बिस्सा ने जानकारी दी कि जिले की बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियों को कोर्स पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि शेष को शीघ्र प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह प्रशिक्षण आशाओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ देने, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान करने तथा समय पर रेफरल सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हो रहा है|
किलकारी योजना से जहाँ गर्भवती माताओ को सही और समय पर सटीक जानकरी मिल रही है तो वही मोबाइल अकेडमी से आशाओ के कौशल मे वृद्धि हो रही है|
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‘डबल इंजन’ सरकार ने निभाया आमजन से किया प्रत्येक वादा, तेजी से आगे बढ़ रहा हमारा राजस्थानः गोदारा
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे बम्बलू के दौरे पर, विभिन्न कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास
बीकानेर, 24 मार्च। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा मंगलवार को बम्बलू क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। गोदारा ने यहां पशु अस्पताल के नए भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि इस पर 46.50 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। गोदारा ने निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सालय बनने से आसपास के गांवों के पशुपालकों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार ने आमजन से किया हर वादा निभाया है। आज प्रदेश विकास के पथ पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को पूर्ण करने में राजस्थान की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
उन्होंने राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबीसी मशीन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांव-गांव में स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने को प्रतिबद्ध है। पिछले लगभग ढाई वर्षों में चिकित्सा सुविधा में आमूलचूल बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय की पीबीएम अस्पताल से लेकर दूरस्थ गांव-ढाणी के उप स्वास्थ्य केन्द्रों तक सुविधाओं में वृद्धि हुई है। श्री गोदारा ने राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी पर रेलिंग लगाने एवं पेंटिंग कार्य का लोकार्पण किया। इस पर 8 लाख 58 हजार रुपये व्यय हुए हैं। वहीं परिसर की चारदीवारी को ऊंचा करने के कार्य का लोकार्पण भी किया। जिसकी लागत 5 लाख 24 हजार रुपये आई है।
गोदारा ने बताया कि बंबलू के लिए 220 केवी जीएसएस स्वीकृत करवाया गया है। रायसर के बाद बंबलू में सबसे अधिक क्षमता का जीएसएस बनेगा। इसके लिए भूमि आवंटन सम्बन्धी कार्य हो चुका है। शीघ्र ही निर्माण प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी तथा किसानों को दिन में बिजली मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली बार विधानसभा को 20 जीएसएस मिले हैं। इनके कार्य पूर्ण होने पर समूचा क्षेत्र विद्युत आत्मनिर्भर हो जाएगा।
इस दौरान गोदारा ने कहा कि प्रदेश सरकार युवा, वृद्ध, किसान, महिला और दिव्यांग सहित प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में गत ढाई वर्षों में प्रदेश विकास के पथ पर तीव्र गति से आगे बढ़ा है। प्रत्येक बजट ने बीकानेर जिले और लूणकरणसर को अनेक सौगातें दी हैं। आज गांव-गांव में नई सड़कें बन रही हैं। पेयजल समस्या का स्थाई समाधान हो रहा है। विद्युत क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन की सरकार अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।
खाद्य मंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी और कहा कि जनसुनवाई का यह दौर जिला मुख्यालय से लेकर तहसील और ग्राम पंचायत स्तर तक लगातार चल रहा है। जनसुनवाई के माध्यम से ग्रामीणों से रूबरू होकर क्षेत्र में विकास की संभावनाएं भी तलाशी जा रही है। इस दौरान राजकुमार कसवां, रामनिवास खीचड़, हेतराम कूकणा, रामेश्वर नाई, अधिशाषी अभियंता देवराज हटीला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन मौजूद रहे।
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अभिलेखागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का हुआ समापन
बीकानेर, 24 मार्च। राजस्थान राज्य अभिलेखागार द्वारा आयोजित दो दिवसीय सेमीनार मंगलवार को संपन्न हुई। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में ‘अभिलेखीय दस्तावेजः उनका प्रबंधन और इतिहास लेखन में भूमिका’ विषय पर आयोजित सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों एवं विश्वविद्यालयों से विषय विशेषज्ञों ने अभिलेखागारों के अधिकारी और शोधार्थियों ने सेमीनार में अभिलेखीय दस्तावेजों के प्रबन्धन और इनकी इतिहास लेखन में महती भूमिका पर चितंन और मनन किया। भविष्य के अभिलेखागार को ई-अभिलेखागार कर तकनीक डाटा स्टोरेज की समस्या, अभिलेखों में एआई का प्रयोग आदि विषयों सहित अभिलेखों के प्रमाणिक व वास्तविकता के आधार पर इतिहास लेखन पर चर्चा की गई। यह विमर्श भी हुआ कि इतिहास को समय-समय पर ऐतिहासिक स्त्रातों के आधार पर अद्यतन करते रहना चाहिए।शोधार्थियों को भाषा की पकड़ और ज्ञान के लिये प्रशिक्षित करना चाहिए।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल थे। राष्ट्रीय अभिलेखागार नई दिल्ली के पूर्व निदेशक सैयद फरीद अहमद, राज्य कर्मचारी चयन आयोग की सदस्य और इतिहासकार श्रीमती सज्जन पोसवाल, राजस्थान राज्य अभिलेखागार निदेशक चन्द्रसेन सिंह शेखावत एवं सहायक निदेशक, अभिलेखागार डॉ बसंत सिंह सोलंकी विशिष्ट अतिथि रहे।
विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने अभिलेखागार को भारत का एक अद्भुत संग्रह बताया और कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर अभिलेखागार के विकास के लिए आवश्यक बजट आवंटित करती है। अभिलेखों के डिजिटाईजेेशन के लिये बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि अभिलेखागार के विकास के लिये राज्य सरकार से किसी प्रकार की आवश्यकता होगी तो वह पैरवी करेंगे।
श्रीमती पोसवाल ने अभिलेखागार में उपलब्ध अभिलेखों के बारे बताया और अभिलेखागार की विभिन्न शाखाओं द्वारा संग्रहित अभिलेखों व उनकी स्थिति को भी रेखांकित किया। इनमें परिवर्तन लाने का सुझाव दिया है।
सैयद अहमद ने अभिलेख संग्रहालय लिखित अभिलेखागार और ई-अभिलेखागार सहित अभिलेखों के डिजिटल, परिरक्षण, अभिलेख प्रबन्धन और प्रशिक्षण के बारे में बताया और कहा कि भविष्य में तकनीकी को देखते हुए ई-अभिलेखागार के लिये हमें अभी से तैयार रहना चाहिये। श्री शेखावत द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया और प्रस्तुत विषयों की क्रियान्विति पर बल दिया। श्री सोलंकी द्वारा दो दिवसीय समारोह का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
हिन्दी विश्व भारती द्वारा शोध पत्रिका विश्वम्भरा का विमोचन किया गया। पत्रिका के प्रधान सम्पादक डा. गिरजाशंकर शर्मा राजस्थान राज्य अभिलेखागार के निदेशक रहे हैं।
कार्यक्रम में चार तकनीकी सत्र हुए। जिसमें विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा 26 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये। इस दौरान अभिलेख व्यवस्था, डिजिटाईजेशन, परीरक्षण, अभिलेख प्रबन्धन एवं अभिलेखो का मूल्यांकन और ई-अभिलेखागार आदि विषयों पर विस्तृत शोध पत्र डा हरिमोहन मीना, सह समन्वयक, सेमीनार, इति बहादुर, डा राजेन्द्र कुमार, राजशेखर पुरोहित इत्यादि ने प्रस्तुत कियेे। कार्यक्रम में डा चन्द्रशेखर कच्छावा, सुखाराम, ऋषिराज थानवी, नितिन गोयल, राजेन्द्र कुमार, कुमार रामकृष्णा, डा फारूख चौहान, पंकज थानवी, राजशेखर, मोहर सिंह सलावद, राजेन्द्र जोशी, महावीर सिंह सहित विभाग कर्मचारीगण उपस्थित रहें। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित विभाग के सहायक निदेशक श्री रामेश्वर बैरवा द्वारा किया गया।
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वीबी-जी-रामजी योजना: वर्ष 2026-27 की कार्य योजना हेतु 10 अप्रैल तक मांगे गए प्रस्ताव
जिले में एक साल में विभिन्न विभाग करवा सकेंगे करीब 500 करोड़ के विकास कार्य
बीकानेर, 24 मार्च। वीबी-जी-रामजी योजना अंतर्गत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना के लिए विभिन्न विभागों से प्रस्ताव आमंत्रित करने को लेकर मंगलवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलक्टर श्रीमती वृष्णि ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों के प्रस्ताव तैयार कर आगामी 10 अप्रैल तक युक्त धारा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि समयबद्ध रूप से वार्षिक कार्य योजना तैयार की जा सके।
इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन लाल ने वीबी-जी-रामजी योजना पर पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत शिक्षा, वाटरशेड, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन, पीएचईडी, वन, स्वच्छ भारत मिशन, राजीविका, कृषि, महिला एवं बाल विकास तथा रसद विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा अनेक विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
अब वीबी-जी-रामजी योजना विभिन्न विभाग ये करवा सकेंगे कार्य
सीईओ ने जानकारी दी कि योजना के तहत जिले में आगामी वर्ष में विभिन्न विभागों के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जा सकते हैं । उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लाइब्रेरी, खेल मैदान, विद्यालय भवन, कक्षा कक्ष, प्रयोगशालाएं, कंपाउंड वॉल एवं किचन शेड का निर्माण किया जा सकेगा। वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा ग्रामीण सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन, संपर्क सड़कें, पुलिया, क्रॉस ड्रेनेज स्ट्रक्चर तथा ट्रांसपोर्ट शेड का निर्माण किया जाएगा।
इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, रसद विभाग द्वारा अन्न भंडारण भवन, कृषि विभाग द्वारा कोल्ड स्टोरेज एवं कृषि उत्पाद भंडारण संरचनाएं विकसित की जाएंगी। राजीविका के तहत स्वयं सहायता समूहों के लिए भवन, ग्रामीण हाट एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वन विभाग द्वारा नर्सरी विकास एवं पौधारोपण कार्य, पीएचईडी द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों का रख-रखाव एवं मरम्मत, रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं तथा आईजीएनपी क्षेत्र में नहर, डायवर्जन चैनल एवं माइक्रो इरिगेशन चैनलों का निर्माण भी इस योजना के तहत किया जाएगा।
बैठक में खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी, सीईओ जिला परिषद सोहन लाल, एसीईओ दिलीप कुमार, अधिशासी अभियंता (ईजीएस) अशोक गहलोत सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम, ज़िले में सीमा क्षेत्र के 46 गांवों में होंगे 3-3 करोड़ के विकास कार्य
मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम अंतर्गत भी 15 करोड़ के प्रस्ताव भेजे जाएंगे
बीकानेर, 24 मार्च। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम के तहत महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम अंतर्गत जिले के 46 सीमावर्ती गांवों में प्रत्येक गांव में 3-3 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जा सकेंगे। वहीं मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भी सीमावर्ती गांवों के विकास को लेकर जिले से कुल 15 करोड़ रुपये के प्रस्ताव राज्य सरकार को अलग से भिजवाए जाएंगे। इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत प्रस्ताव तैयार करने को लेकर मंगलवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला कलेक्टर श्रीमती वृष्णि ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता से प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने पीएचसी की स्थापना, विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण, मुख्य सड़कों से सीमा गांवों तक संपर्क मार्गों का विकास तथा ऑफ-ग्रिड सोलर प्रोजेक्ट्स जैसे कार्यों को प्रस्तावों में शामिल करने के निर्देश दिए। बैठक में कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने सुझाव दिया कि सीमावर्ती गांवों के विकास कार्यों में जिले में स्थापित विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड का भी प्रभावी उपयोग किया जाए, जिससे विकास कार्यों को अतिरिक्त गति मिल सके।
इससे पूर्व जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सोहन लाल ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम (द्वितीय चरण) की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत सीमा क्षेत्र के 46 गांवों में आर्थिक विकास एवं आजीविका सृजन, सड़क संपर्क, आवास एवं ग्राम अवसंरचना, ऊर्जा, दूरसंचार कनेक्टिविटी, पारिस्थितिकी तंत्र का पुनर्जनन तथा पर्यटन एवं संस्कृति को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न कार्य किए जा सकेंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को समयबद्ध रूप से प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सीईओ ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत केन्द्र सरकार द्वारा देशभर के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा इसके अंतर्गत वर्ष 2024-28 की चार वर्षीय कार्ययोजना तैयार कर भेजी जानी है। वहीं मुख्यमंत्री थार सीमा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 10 करोड़ एवं 5 करोड़ की दो पृथक योजनाओं के माध्यम से कुल 15 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार कर राज्य स्तर पर प्रेषित किए जाएंगे।बैठक में खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी, सीईओ जिला परिषद सोहन लाल, एसीईओ दिलीप कुमार, अधिशासी अभियंता (ईजीएस) अशोक गहलोत सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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पंच गौरव योजना : राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले से मांगे 50-50 करोड़ के प्रस्ताव
जिला कलेक्टर ने पंच गौरव योजना अंतर्गत प्रस्ताव बना कर भेजने हेतु की समीक्षा बैठक
बीकानेर, 24 मार्च। पंच गौरव योजना अंतर्गत राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले से 50-50 करोड़ के प्रस्ताव मांगे हैं। जिले में पंच गौरव से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने को लेकर जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला कलेक्टर ने जिले से संबंधित पंच गौरव को लेकर संबंधित विभागों से 10 अप्रैल तक प्रस्ताव बनाकर भेजने हेतु निर्देशित किया।
जिला कलेक्टर ने कहा कि पंच गौरव अंतर्गत जिले में खेलों में तीरंदाजी को शामिल किया गया है। लिहाजा जिले के प्रत्येक ब्लॉक पर तीरंदाजी को प्रमोट करने वाले कार्य हेतु कुल 5 करोड़ के प्रस्ताव खेल विभाग की ओर भिजवाया जाए। इसी तरह पर्यटन अंतर्गत करणी माता मंदिर के विकास को लेकर नगर पालिका की ओर से 5 करोड़ के प्रस्ताव तैयार करने हेतु निर्देशित किया।
जिला कलेक्टर ने वनस्पति प्रजाति अंतर्गत रोहिड़ा वन तैयार करने को लेकर वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नाल में एयरपोर्ट से निकलते ही नाल रोड़ पर रोहिड़ा वन तैयार किया जाए। इसको लेकर प्रस्ताव भिजवाएं। इसी प्रकार उपज में मोेठ के अंतर्गत मोठ प्रोसेसिंग यूनिट सहकारिता विभाग के जरिए लगाई जाएगी। उत्पाद अंतर्गत बीकानेरी नमकीन को बढ़ावा देने को लेकर ग्रामीण हाट को विश्व स्तरीय बनाया जाएगा।
बैठक में खाजूवाला विधायक डॉ विश्वनाथ मेघवाल, कोलायत विधायक श्री अंशुमान सिंह भाटी,सीईओ जिला परिषद सोहन लाल समेत पंच गौरव योजनांतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
