सगी मां की गवाही पर कलयुगी बेटे को 10 साल की जेल, भाई की पत्नी से दुष्कर्म का मामला

सगी मां की गवाही पर कलयुगी बेटे को 10 साल की जेल,
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
  • जोधपुर कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

जोधपुर। 7 अप्रैल। जोधपुर की पॉक्सो कोर्ट ने पारिवारिक मर्यादाओं को तार-तार करने वाले एक संगीन मामले में आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस केस की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि आरोपी की सगी मां ने अपनी बहुओं के सम्मान की रक्षा के लिए अपने ही बेटे के खिलाफ अदालत में गवाही दी।

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क्या है पूरा मामला?
मामला करीब पांच साल पुराना है। अभियोजन पक्ष के अनुसार:

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पहली घटना: 10 मार्च 2021 को आरोपी ने अपने छोटे भाई की पत्नी (भावज) के साथ उस समय दुष्कर्म किया जब वह घर से बाहर गई थी। लोक-लाज के भय से पीड़िता ने तब यह बात किसी को नहीं बताई।

दूसरी घटना: चार महीने बाद 4 जुलाई 2021 की रात आरोपी ने अपने दूसरे छोटे भाई की पत्नी के साथ उस वक्त छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास किया, जब वह अपनी सास के पास सो रही थी।

मां की बहादुरी: पीड़िता के चिल्लाने पर उसकी सास (आरोपी की मां) तुरंत जाग गई और बीच-बचाव किया, जिससे घबराकर आरोपी वहां से भाग गया। इसके बाद 6 जुलाई 2021 को पीपाड़ शहर थाने में मामला दर्ज कराया गया।

कोर्ट ने सुनाया ‘धर्म’ और ‘न्याय’ का पाठ
विशेष न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने अपने 54 पन्नों के विस्तृत फैसले में ‘श्रीरामचरितमानस’, ‘मनुस्मृति’ और ‘बृहस्पति-स्मृति’ के श्लोकों का उल्लेख किया। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा “जो व्यक्ति भाई की पत्नी पर कुदृष्टि डालता है, वह अत्यंत दुष्ट है। दंड ही समस्त प्रजा पर शासन करता है और समाज की रक्षा करता है। यदि उचित दंड न दिया जाए, तो समाज में ‘मत्स्य-न्याय’ (अराजकता) व्याप्त हो जाएगी।”

सजा और जुर्माना
अदालत ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी करार देते हुए निम्नलिखित सजा सुनाई:

धारा 376(2)(एफ): 10 साल का कठोर कारावास और 50,000 रुपये जुर्माना।

धारा 376/511 (दुष्कर्म का प्रयास): 5 साल का कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माना।

धारा 354 (लज्जा भंग): 3 साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना।

कुल 85,000 रुपये के अर्थदंड के साथ सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कोर्ट के इस फैसले की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है, विशेषकर एक मां द्वारा सत्य और न्याय का साथ देने के साहसिक कदम की सराहना की जा रही है।

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