बीकानेर में ‘नन्हे कदम’ अभियान का आगाज़: 0 से 3 वर्ष के बच्चों के विकास के लिए जिला प्रशासन की अनूठी पहल
बीकानेर में ‘नन्हे कदम’ अभियान का आगाज़: 0 से 3 वर्ष के बच्चों के विकास के लिए जिला प्रशासन की अनूठी पहल



बीकानेर ,10 अप्रैल। बीकानेर जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने मिलकर छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को जिला कलेक्टर निशांत जैन ने ‘नन्हे कदम—शिशु विकास समूह’ अभियान के पोस्टर का विमोचन कर इस विशेष पहल की औपचारिक शुरुआत की।


यह अभियान मुख्य रूप से 0 से 3 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास पर केंद्रित है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की प्रारंभिक नींव मजबूत करने के लिए माताओं का सशक्त होना और उन्हें सही जानकारी मिलना अनिवार्य है।


अभियान की मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य
माताओं का सशक्तिकरण: आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 0-3 वर्ष के बच्चों की माताओं का समूह बनाया जाएगा। इन समूहों को पोषण ट्रैकर के जरिए चिन्हित लाभार्थियों से जोड़ा जाएगा।
मोबाइल-मुक्त पालन-पोषण: अभियान का एक बड़ा जोर बच्चों को मोबाइल स्क्रीन के दुष्प्रभावों से बचाने और माताओं को ‘मोबाइल-मुक्त पैरेंटिंग’ के प्रति जागरूक करने पर रहेगा।
समग्र विकास गतिविधियाँ: माताओं को खेल-आधारित सीख, गीत-कहानी, संवाद और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल (ECCE) के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं पोषण: स्तनपान, पूरक आहार, टीकाकरण, वृद्धि निगरानी और बच्चों के विकास में होने वाली देरी (Developmental Delay) की पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जाएगी।
नियमित निगरानी: अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित बैठकें होंगी और कार्यकर्ता लाभार्थियों के घर-घर जाकर (Home Visit) मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक सुभाष बिश्नोई ने बताया कि इस पहल से बच्चों के संज्ञानात्मक और सामाजिक विकास में सुधार होगा। पोस्टर विमोचन के दौरान जिला परिषद की सीईओ शैलजा पांडे, अतिरिक्त कलेक्टर (नगर) रमेश देव और सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। यह अभियान ‘आंगनबाड़ी और माता के साथ, शिशु का स्वस्थ एवं समग्र विकास’ के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रयास है।
